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मूर्ख जनता कब तक नेताओं की झांसे में आती रहेगी!

आकाश श्रीवास्तव

थर्ड आई वर्ल्ड न्यूज़

नई दिल्ली, २४ जनवरी २०१७

चुनाव आते ही राजनीतिक दल अपने चुनावी घोषणाओं में लोक लुभावन वादों और प्रलोभनों की झड़ी लगा देते हैं। नेता जनता को तरह-तरह की लॉली पाप देते हैं। हिंदुस्तान की मूर्ख जनता उस झांसे में आकर अपना 70 साल से बेडागर्क करते चली आ रही है। चुनावी घोषणाओं में जनता को बोला जाएगा, कि हम मोबाइल फोन देंगे, स्मार्टफोन देंगे, लैपटाप देंगे, घी-तेल देंगे साइकिल देंगे, हम स्मार्ट सिटी बनाएँगे, आदि आदि। इन सतही सम्मोहनी और लुभावनी वादों   से एक-एक मत को झपटने की कोशिश की जाती है। कोई नेता ये नहीं कहता है कि हम अच्छा स्वास्थ्य देंगे, रोजगार के साधन मुहैय्या कराएंगे, गरीबी उन्मूलन के लिए योजनाएं तैयार करेंगे, गावों में गुणवत्ता वाली सड़कें, स्वास्थ्य केंद्र, शैक्षणिक संस्थान बनवाएंगे।


अपने प्रदेश में औद्योगिक संस्थान, कुटीर उद्योग को बढ़ावा देंगे जिससे प्रदेश के लोगों को दूसरे प्रदेशों में रोजी रोटी के लिए न भटकना पड़े। आदि-आदि। यदि किसी राजनीतिक दल ने ऐसी चुनावी घोषणाएं की भी तो वह पूरा नहीं की, पूरा की भी तो एक चौथाई भी नहीं पूरी की। अगले चुनावों में फिर नये लॉली पॉप के साथ जनता के सामने आ जाते हैं। शर्मनाक बात यह कि देश की मूर्ख जनता उन नेताओं की पुरानी वादों को भूलकर नए सिरे से फिर बेवकूफ बनने के लिए तैयार हो जाती है और देश के शातिर राजनेता फिर पांच साल जनता की खून चूसते हैं, और अपने दल, परिवार कुछ परिजनों को समृद्धि बनाने में पूरा पांच साल लगा देते हैं। जनता हाय-हाय करते सिर खुजलाते रह जाती है। आखिर कब जनता चेतेगी। आखिरकार कब तक हम झूठे आश्वासन के आगे तालियां पीटते रहेंगे। हाथ उठाकर जयकारा लगाते रहेंगे।

इस देश में चाहे अरविंद केजरीवाल हों, राहुल-सोनिया हों, नरेंद्र मोदी हों, मुलायम हों, नीतिश हों, लालू हो, ममता हों किसी ने अपने चुनावी घोषणाओं का आजतक ईमानदारी से पूरा नहीं किया। सबने जनता की भावनाओं को उकेरा, उसके साथ खेला, और राजसुख भोगा। यही 70 साल से होते आ रहा है। हिंदुस्तान की जनता मूर्ख और गुलाम थी और आगे भी रहेगी। हजार साल तक मुगलों, अंग्रेजों की गुलाम थी। देश की जनता अब नेताओं की गुलाम बनकर रह गयी है। गुलामी की यह डीएऩए उनके खून में है जिसके बाहर आजादी के बाद तक नहीं निकल पायी। देश के लोग कब अपनी विवेक, वुद्धिमत्ता का परिचय देंगे, जिससे उनका शोषण करने वाला शोषण करने से पहले हजार बार सोंचेगा।





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