ताज़ा समाचार-->:
अब खबरें देश-दुनिया की एक साथ एक जगह पर-->

अपराध जगत

बिहार सरकार ने सुशांत सिंह आत्म हत्या मामले की जांच सीबीआई को सौंपी

थर्ड आई वर्ल्ड न्यूज़ नेटवर्क

पटना

4 अगस्त 2020

फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मामले की जांच सीबीआई से कराने के लिए राज्य सरकार ने अपनी सिफारिश भेज दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वयं ट्वीट कर यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज कहा था कि सुशांत सिंह राजपूत के पिता के. के. सिंह की सहमति प्राप्त हो गयी है और अब राज्य सरकार सुशांत के मौत मामले की सीबीआई से जांच की अनुशंसा आज ही कर देगी। नीतीश ने कहा,आज सुबह ही हमारे डीजीपी (गुप्तेश्वर पांडेय) से उनकी (दिवंगत अभिनेता के पिता की) बातचीत हुई है और उन्होंने अपनी सहमति दे दी है, जिसकी सूचना डीजीपी ने दी तथा तुरंत सीबीआई जांच के लिए अनुशंसा यहां से जा रही है । उसके लिए जो प्रक्रिया है, कर रहे हैं और आज ही मेरे ख्याल से अनुशंसा चली जाएगी।


सांकेतिक तस्वीर। बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार।


फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजूपूत की आत्महत्या प्रकरण की जांच करने गए पटना के सिटी एसपी विनय तिवारी को वहां पर रविवार की रात जबरन क्वारंटाइन किये जाने से बिहार और महाराष्ट्र के बीच विवाद बढ़ गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को विधानमंडल सत्र में भाग लेने जाने के क्रम में पत्रकारों से बातचीत में उक्त घटना पर नाराजगी जतायी है।  उन्होंने कहा कि सिटी एसपी को क्वारंटाइन करना ठीक नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे सरकार की तरफ से डीजीपी ने पूरी सूचना दी है। बिहार के डीजीपी खुद भी वहां के डीजीपी से बात करेंगे। पत्रकारों द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से आप बात करेंगे, इसपर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राजनीतिक बात नहीं है। सीधे जो कानूनी जिम्मेवारी है, बिहार पुलिस के प्रति, उसे हम निभा रहे हैं। उसी के अनुसार अनुसार काम हो रहा है। विधानमंडल सत्र में भाग लेने जाने के क्रम में मुख्यमंत्री राजधानी वाटिका में वृक्षों को रक्षासूत्र बांधा और वहीं पर पत्रकारों ने उनसे यह सवाल किया।

नीतीश ने कहा, यह सही बात नहीं। वहां का सहयोग मिलना चाहिए वह नहीं मिल रहा था। हमारे डीजीपी वहां फोन करें और वहां कोई फोन नहीं उठाए तो यह कितना आश्चर्यजनक है। यह खुद हमारे डीजीपी ने मुझे जानकारी दी। तो यह स्थिति है जो कि ठीक नहीं है लेकिन यहां प्राथमिकी होने पर बिहार पुलिस का जांच करना कानूनी कर्तव्य बनता है। यह पूछे जाने पर कि क्या इसको लेकर उनकी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से बातचीत हुई, नीतीश ने कहा कि मुख्यमंत्री स्तर पर इस मामले में बात ही नहीं हो सकती है। यह तो कोई राजनीतिक विषय नहीं है । यह जिम्मेदारी पुलिस की है और यहां की पुलिस वहां की पुलिस से बात कर रही थी।





जरा ठहरें...
यह उ.प्र. पुलिस की कौन सी बहादुरी है? यह न्यायपालिका के क्षेत्र का अतिक्रमण नहीं.?
भारत ने 9 व्यक्तियों को आतंकी घोषित किया
सावधान! इस मेल आईडी से आई मेल पर कोई जानकारी साझा न करें!
विदेशी तबलीकियों के भारत आने पर १० साल के लिए लगा प्रतिबंध
बाबरी ढांचे की सुनवाई ३१ अगस्त तक पूरी हो - सर्वोच्च न्यायालय
दंगे में संपत्ति का नुकसान पहुंचाने वालों से पैसा वसूला जाएगा
रेलवे के तत्काल टिकट में सेंध लगाने वाला सलमान अब पुलिस के शिकंजे में
पत्रकार को अपनी ही जगह पर नहीं बनाने दिया जा रहा शौचालय
टुकड़े-टुकड़े गैंग को दंड़ देने का समय आ गया है
जामिया हिंसा: पुलिस १० अपराधी पृष्ठभूमि वाले लोगों को किया गिरफ्तार
 
 
Third Eye World News
इन तस्वीरों को जरूर देखें!
Jara Idhar Bhi
जरा इधर भी

Site Footer
इस पर आपकी क्या राय है?
चीन मुद्दे पर क्या सरकार ने जितने जरूरी कठोर कदम उठाने थे, उठाए कि नहीं?
हां
नहीं
पता नहीं
 
     
ग्रह-नक्षत्र और आपके सितारे
शेयर बाज़ार का ताज़ा ग्राफ
'थर्ड आई वर्ल्ड न्यूज़' अब सोशल मीडिया पर
 फेसबुक                                 पसंद करें
ट्विटर  ट्विटर                                 फॉलो करें
©Third Eye World News. All Rights Reserved.