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हरियाणा सरकार की दीन दयाल जन आवास योजना का पलीता लगाता बिल्डर
चंदीगढ़ सेक्टर- 63 और 66 का मामला

आकाश श्रीवास्तव

22 मई 2022

हरियाणा सरकार की दीन दयाल जन आवास योजना पर स्थानीय बिल्डर का अतिक्रमण करने का रवैया स्थानीय लागो के लिए पेरषानियों का सबब बनता जा रहा है। गुरूग्राम के सेक्टर-63-66 के आमजनों का मानना है कि हरियाणा सरकार ने स्थानीय लागों को राहत देने के लिए दीन दयाल जन आवास योजना के लिए बिल्डर के साथ एक समझौता किया। जिसके तहत आम जन सुगमता के साथ अपने आवास में पहुंच सके। मगर बिल्डर ने सरकारी काम का फायदा उठाते हुए कॉलोनी के रास्ते को ही अतिक्रमण कर लिया है। जिससे आमजनो का घर तक जाना दुभर हो गया है। इस बाबत स्थानीय लोग प्रषासन से कई बार षिकायत कर चुके है। लेकिन मामला जस का तस बना हुआ है।

हरियाणा राज्य सरकार ने फरवरी 2016 में दीन दयाल जन आवास योजना को मंजूरी दी थी, जिसे उसी साल कुछ वक्त बाद नोटिफाई कर दिया गया। ’सभी को घर’ के मकसद से लॉन्च की गई इस स्कीम के तहत राज्य के मध्यम और निम्न वर्ग के लोगों को किफायती आवास मुहैया कराया जाएगा। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल वाली इस स्कीम में सरकारी और प्राइवेट सेक्टर की क्षमताओं का इस्तेमाल किया जाएगा। इस योजना में राज्य सरकार उदारवादी नीतिगत ढांचे के जरिए पूरे हरियाणा में उच्च घनत्व वाले प्लॉटों की कॉलोनियों को बढ़ावा देगी। यह भी अनिवार्य है कि सभी प्रोजेक्ट्स लाइसेंस मिलने की तारीख से सात साल के अंदर पूरे हो जाने चाहिए। बताया गया है कि इस श्रेणी के तहत प्रोजेक्ट के विकास के लिए शहर के कुल नियोजित आवासीय क्षेत्र का केवल 30 प्रतिशत हिस्सा ही दिया जाएगा। इस स्कीम में अधिकतम प्लॉट एरिया 150 वर्ग मीटर निर्धारित किया गया है। इन प्लॉटों के अधिकतम फ्लोर एरिया रेश्यो दो होंगे और कुल जमीन कवरेज 65 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होगी। 

5 से 15 एकड़ वाले एरिया में प्रोजेक्ट बनाया जा सकता है। इसके अलावा जो एरिया सड़कों के तहत आएगा, वह कुल लाइसेंस क्षेत्र के 10 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकता। इसके अलावा बिल्डर को लाइसेंसप्राप्त कॉलोनी का 10 प्रतिशत एरिया सरकार को मुफ्त में देना होगा, ताकि वह उस जमीन पर सामुदायिक सुविधाएं मुहैया करा सके।








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