ताज़ा समाचार-->:
अब खबरें देश-दुनिया की एक साथ एक जगह पर-->

सेहत की बातें

मधुमेह के रोगियों के लिए नई खोज आशा की किरण बनी

नई दिल्ली

२२ फरवरी २०१८

मधुमेह के उपचार के क्षेत्र में भारतीय चिकित्सकों ने महत्वपूर्ण व प्रथप्रदर्शक खोज की है। चिकित्सकों के मुताबिक इस खोज से मधुमेह के प्रकार का पता कर उसका इलाज आसानी से किया जा सकता है। उनका कहना है कि अक्सर मधुमेह पीड़ितों को इंसुलिन लेना पड़ता है जबकि मधुमेह की टाइप-1 का उपचार बगैर इन्सुलिन का संभव है। 'बीएमसी मेडिकल जेनेटिक्स' जर्नल में मैच्योरिटी ऑनसेट डायबिटीज ऑफ द यंग (एमओडीवाई) नाम से प्रकाशित इस शोध में अनुसंधानकर्ताओं ने मुधमेह के प्रकार उल्लेख किया है।


प्रतीकात्मक तस्वीर।

मद्रास डायबिटीज रिसर्च फाउंडेशन (एमडीआरएफ) के डॉ. वी. मोहन और डॉ. राधा वेंकटेशन द्वारा जेनेनटेक, कैलिफोर्निया से डॉ. एंड्रयू एस. पीटरसन, डॉ. सोमशेखर शेशगिरी और डॉ. थॉन्ग टी. एनगुयेन और मेडजेनोम, भारत से डॉ. रामप्रसाद और सैम संतोश के सहयोग से यह शोध प्रकाशित हुआ। चिकित्सकों ने बताया कि सामान्य रूप से मधुमेह के दो प्रकार होते हैं। मधुमेह पकार-1 की शिकायत युवाओं या बच्चों को होती है है। एमओडीवाई के साथ मरीज आमतौर पर कमजोर होते हैं और उनकी कम उम्र के कारण उन्हें टाइप 1 डायबिटीज से पीड़ित बताया जाता है और उन्हें जीवनभर इंसुलिन इंजेक्शन लेने की सलाह दी जाती है।

डॉ. राधा वेंकटेशन, जेनोमिक्स प्रमुख, एमडीआरएफ ने कहा, "यह दुनिया में पहली बार हुआ है जब एनकेएक्स6-1 जीन म्युटेशन को एमओडीवाई के नए प्रकार के तौर पर परिभाषित किया गया है। एमओडीवाई का यह प्रकार सिर्फ भारतीयों के लिए अनोखा है या यह अन्य लोगों में भी पाया जाता है, यह जांचने के लिए आगे भी अध्ययन करने होंगे।" मधुमेह प्रकार-2 डायबिटीज सामान्य तौर पर वयस्कों को प्रभावित करता है और बीमारी के अंतिम स्तरों को छोड़कर हाइपरग्लाइकेमिया को नियंत्रित करने के लिए इंसुलिन की जरूरत नहीं होती है।


डॉ. वी. मोहन, निदेशक, एमडीआरएफ ने कहा, "एमओडीवाई जैसे डायबिटीज के मोनोजेनिक प्रारूप का पता चलने का महत्व सही जांच तक है क्योंकि मरीजों को अक्सर गलत ढंग से टाइप 1 डायबिटीज से पीड़ित बता दिया जाता है और उन्हें गैर-जरूरी रूप से पूरी जिंदगी इंसुलिन इंजेक्षन लेने की सलाह दी जाती है। एक बार एमओडीवाई का पता चलने पर एमओडीवाई के ज्यादातर प्रारूपों में इंसुलिन इंजेक्षन को पूरी तरह रोका जा सकता है और इन मरीजों का इलाज बहुत ही सस्ते सल्फोनिलयूरिया टैबलेट से किया जाता है जिनका इस्तेमाल दशकों से डायबिटीज के इलाज के लिए किया जाता है। जहां तक उपचार और इन मरीजों के जीवन और उनके परिवारों की बात है तो यह एक नाटकीय बदलाव है।"





जरा ठहरें...
निपाह विषाणु से देश में फैला दहशत, सरकार ने जारी की चेतावनी!
देश के हर तीन जिलों के बीच में एक मेडिलकल कॉलेज खोला जाएगा
दिल की बीमारियों की ये हैं निशानियां और इनसे ऐसे बचें, और बर्तें सावधानियां!
डॉक्टर अग्रवाल ने कहा स्टेंट की कीमत का सीमा निर्धारित करना मरीजों के लिए सही नहीं!
देश भर के डॉक्टर हड़ताल पर, डाक्टर के के अग्रवाल ने किया समर्थन!
भारत में गुर्दे की बीमारी भयानक रूप ले रही है
टी.बी. रोगों के मामले में भारत नंबर एक पर है!
मैक्स को उसकी करनी का फल मिला, सरकार ने लाइसेंस रद्द किया!
दिल्ली सरकार बेहतर स्वास्थ्य के लिए 1 हजार मोहल्ला क्लीनिक खोलेगी
भारत में फिर पाए गए पोलियो के विषाणु!
दिनचर्या में बदलाव करके ह्रदय रोग से बचें
देश के जाने माने नेत्र रोग विशेषज्ञ मेजर जनरल (रि) जे.के. एस परिहार एअर मार्शल बोपाराय पुरस्कार से सम्मानित
एम्स में पाँच सौ तक टेस्ट मुफ्त में होंगे
कई बीमारियों में लाभाकारी है दालचीनी
मां बनने की कोई उम्र सीमा नहीं होती है!
मधुमेह, दिल की बीमारी ने बढ़ाई जैतून तेल की मांग
 
 
Third Eye World News
इन तस्वीरों को जरूर देखें!
Jara Idhar Bhi
जरा इधर भी

Site Footer
इस पर आपकी क्या राय है?
मोदी सरकार के तीन साल के कार्यकाल से आप खुश हैं?
हां
नहीं
कह नहीं सकते
 
     
ग्रह-नक्षत्र और आपके सितारे
शेयर बाज़ार का ताज़ा ग्राफ
'थर्ड आई वर्ल्ड न्यूज़' अब सोशल मीडिया पर
 फेसबुक                                 पसंद करें
ट्विटर  ट्विटर                                 फॉलो करें
©Third Eye World News. All Rights Reserved.