ताज़ा समाचार-->:
अब खबरें देश-दुनिया की एक साथ एक जगह पर-->

धर्म/तीज़-त्यौहार

'पूजास्थलों में महिलाओं के प्रवेश पर रोक नहीं लगेगी'

मुंबई

२ अप्रैल २०१६

बंबई उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को एक दूरगामी फैसले में कहा कि कोई भी कानून पूजास्थलों में महिलाओं को प्रवेश करने से नहीं रोकता। इस मामले में लैंगिक आधार पर कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी.एच.वाघेला और न्यायमूर्ति एम.एस.सोनक की पीठ ने यह फैसला एक जनहित याचिका पर दिया। याचिका सामाजिक कार्यकर्ता विद्या बल और वरिष्ठ वकील नीलिमा वर्तक ने दायर की थी। इसमें अहमदनगर स्थित शनि शिंगणापुर मंदिर के गर्भगृह में महिलाओं के प्रवेश पर रोक को चुनौती दी गई थी।


जनहित याचिका को निपटाते हुए न्यायालय ने महाराष्ट्र सरकार को कानून पालन सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया। न्यायालय ने कहा कि 'यह महिलाओं का बुनियादी अधिकार है' और इसकी हिफाजत की जानी चाहिए। राज्य सरकार ने न्यायालय से कहा कि वह लैंगिक भेदभाव के बिल्कुल खिलाफ है और वह महाराष्ट्र हिदू धर्मस्थल (प्रवेश प्राधिकार) अधिनियिम 1956 को पूरी ईमानदारी से लागू करेगी। इस कानून में प्रावधान है कि धर्मस्थल में किसी को रोकने पर छह महीने तक की जेल हो सकती है। कार्यवाहक महाधिवक्ता रोहित देव ने न्यायालय से कहा कि सभी जिला आयुक्त और पुलिस अधीक्षकों को सर्कुलर भेजकर उन्हें इस कानून के प्रति आगाह किया जाएगा।

अदालत ने देव के आश्वासन को मानते हुए राज्य के गृह सचिव से इस कानून का पालन सुनिश्चित करने और जिला आयुक्तों व पुलिस प्रमुखों को जरूरी निर्देश जारी करने को कहा। वकील नीलिमा वर्तक ने संवाददाताओं से कहा कि अदालत के फैसले के बाद अब महिलाएं किसी भी मंदिर में प्रवेश कर अपनी धार्मिक आजादी के अधिकार का इस्तेमाल कर सकती हैं। उन्होंने कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक कानून पर अमल कराने के लिए हमें अदालत जाना पड़ा। जब कानून है, तो उस पर अमल भी होना चाहिए।"


महिलाओं के पूजास्थलों में प्रवेश के मुद्दे को उठा रहे भूमाता रणरागिनी ब्रिगेड नामक संगठन की अध्यक्ष तृप्ति देसाई ने अदालत के फैसले पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि वह शनिवार को महिलाओं के एक दल के साथ शनि शिंगणापुर मंदिर के गर्भगृह में पूजा-अर्चना करेंगी, जहां सदियों से महिलाओं को प्रवेश की मनाही रही है।




जरा ठहरें...
मनुष्य के उद्धार के लिए श्रीकृण ने कहा था कर्म के अनुसार फल मिलता है
बाबा बूढ़ा अमरनाथ यात्रा में आने वाले यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए - बजरंग दल
तीज और राखी के अवसर पर आयोजित समारोह में विदेशी राजदूतों ने हिस्सा
योग ध्यान ही गीता का सार मर्म़ है’’- डा नागेन्द्र
अमरनाथ यात्रा शुरू हुई
योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार पार्कों का निर्माण करेगी - श्रीपद एसो नाइक
योग दिवस कार्यक्रम लखनऊ के रमाबाई मैदान में होगा
रोमामिया में ११वीं में पढ़ाया जाता है रामायण और महाभारत के अंश
अयोध्या में रामलीला का मंचन आज से शुरू
यमुना इतनी ही नाजुक थी तो उत्सव की इजाजत क्यों दी : श्री श्री रविशंकर
पूरे नौ दिन संतोषी मां के मंदिर में छाया रहा भक्तों का तांता
भाजपा राम मंदिर कभी नहीं बनाएगी - शंकराचार्य
देश में कोई जनजाति महिषासुर की पूजा नहीं करती!
साल के अंत तक राम मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा
पाताल भुवनेश्वर की गुफा, धर्म, रहस्य और रोमांच का संगम है
मस्जिद कभी भी तोड़ी जो सकती है - स्वामी
किसने लिखा जन-जन की आरती ओम जय जगदीश हरे...
 
 
Third Eye World News
इन तस्वीरों को जरूर देखें!
Jara Idhar Bhi
जरा इधर भी

Site Footer
इस पर आपकी क्या राय है?
मोदी सरकार के तीन साल के कार्यकाल से आप खुश हैं?
हां
नहीं
कह नहीं सकते
 
     
ग्रह-नक्षत्र और आपके सितारे
शेयर बाज़ार का ताज़ा ग्राफ
'थर्ड आई वर्ल्ड न्यूज़' अब सोशल मीडिया पर
 फेसबुक                                 पसंद करें
ट्विटर  ट्विटर                                 फॉलो करें
©Third Eye World News. All Rights Reserved.