ताज़ा समाचार-->:
अब खबरें देश-दुनिया की एक साथ एक जगह पर-->

क्या आप जानते हैं

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को मारा तमाचा, न्यायालय ने कहा मेरे सामने कचरा न फेंके केंद्र

थर्ड आई वर्ल्ड न्यूज़

नई दिल्ली

7 फरवरी 2018

सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को केंद्र सरकार को पूरे देश भर में ठोस कचरा प्रबंधन के संबंध में बिना संपूर्ण जानकारी के भारी-भरकम हलफनामा दाखिल करने के लिए फटकार लगाई और इसे स्वीकार नहीं किया। न्यायालय ने कहा कि सरकार न्यायालय के समक्ष 'कूड़ा नहीं फेंक' सकती। न्यायमूर्ति मदन बी. लाकुर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की खंडपीठ ने कहा, "आप क्या करना चाहते हैं? आप हमें प्रभावित करना चाहते हैं। हम पर असर नहीं पड़ा है। आप हम पर सब कुछ थोप देना चाहते हैं। हम इसे स्वीकार नहीं करने जा रहे हैं।"


अदालत ने कहा कि अदालत 'कूड़ा संग्रहक' नहीं है और बिना जानकारी के सैकड़ों पन्नों के शपथ पत्र को ग्रहण नहीं करेगी। अदालत ने कहा, "आपके पास जो भी कूड़ा होता है, वो हमारे समक्ष पेश कर देते हैं। हम कूड़ा संग्रहक नहीं हैं। इस बारे में पूरी तरह स्पष्ट रहें।" अदालत ने केंद्र सरकार को यह सख्त टिप्पणी स्वत: संज्ञान लेने वाले एक मामले में की जिसमें दक्षिण दिल्ली में रहने वाले एक सात वर्षीय बच्चे की डेंगू से मौत हो गई थी। पांच अस्पतालों ने कथित रूप से बच्चे का इलाज कराने से मना कर दिया था और बच्चे की मौत के बाद उसके माता-पिता ने भी आत्महत्या कर ली थी। मामले की सुनवाई करते हुए, अदालत ने मंगलवार को केंद्र को तीन सप्ताह के अंदर चार्ट दाखिल करने के निर्देश दिए जिसमें इस बारे में बताना है कि राज्यों और केंद्रशासित राज्यों ने ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2016 के प्रावधानों के अनुसार क्या राज्य स्तरीय सलाहकार बोर्ड का गठन किया है।

सुनवाई के दौरान, केंद्र सरकार ने कहा कि उसे 22 राज्यों से राज्य स्तरीय सलाहकार बोर्ड के गठन की जानकारी मिल चुकी है। इससे पहले 12 दिसंबर 2017 को अदालत ने केंद्र सरकार ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2016 के प्रावधानों के अनुसार राज्य स्तरीय सलाहकार बोर्ड का गठन करने के संबंध में सभी राज्यों और केंद्रशासित राज्यों को पत्र लिखने के लिए कहा था और शीर्ष अदालत के समक्ष इसकी जानकारी दाखिल करने को कहा था।





जरा ठहरें...
पांच साल में 11 हजार नहीं 61 हजार करोड़ का हुआ महाघोटाला
संयुक्त राष्ट्र ने कहा भारत और पाकिस्तान में बच्चियों का यौन उत्पीड़न दर्दनाक
देश के मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ बजट सत्र में महाभियोग लाने की तैयारी!
बांस पेड़ नहीं बल्कि घास है, राज्यसभा में विधेयक पास!
वैज्ञानिकों ने माना रामसेतु मानव निर्मित है
'आधार' के पूर्व चेयरमैन नीलकणि अपनी आधी संपत्ति दान में दी!
अगले तीन महीने में नदियों को जोड़ने का काम शुरू होगा
सरकार की घोषणा ८३ हजार किमी सड़कों का होगा निर्माण
गंगा की सफाई में कछुवा भी होगा शामिल
भारत दुनिया में कुल दूध उत्पादन की १९ प्रतिशत अकेले करता है!
वैवाहिक रिश्ते में शारीरिक संबंध दुष्कर्म नहीं हो सकता - सरकार
पेट्रोल पंप वसूलते हैं आपसे शौचालय कर!
४० की उम्र में ६९ बच्चों का जन्म दिया
30 किलो से ज्यादा वजन के कुत्ते को घोड़ा मानता है रेलवे!
प्राकृतिक अपदाओ में मुफ्त में मदद नहीं करती भारतीय सेना
२८ साल की महिला ने १० बच्चों को जन्म दिया
मानव मांस का शौकीन था ब्रिटिश राजघराना
२०५ साल के बाबा, १०५ साल से नहीं खाया एक अन्न भी!
 
 
Third Eye World News
इन तस्वीरों को जरूर देखें!
Jara Idhar Bhi
जरा इधर भी

Site Footer
इस पर आपकी क्या राय है?
मोदी सरकार के तीन साल के कार्यकाल से आप खुश हैं?
हां
नहीं
कह नहीं सकते
 
     
ग्रह-नक्षत्र और आपके सितारे
शेयर बाज़ार का ताज़ा ग्राफ
'थर्ड आई वर्ल्ड न्यूज़' अब सोशल मीडिया पर
 फेसबुक                                 पसंद करें
ट्विटर  ट्विटर                                 फॉलो करें
©Third Eye World News. All Rights Reserved.