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मृत्यु शैय्या पर पड़े प्रिंट मीडिया को न्यूज़ प्रिंट पर जीएसटी में राहत की संभावना नहीं?
राजनाथ से हुई मुलाकात महज औपचारिकता भर रही

आकाश श्रीवास्तव

थर्ड आई वर्ल्ड न्यूज़

नई दिल्ली

जीएसटी परिषद की आगामी बैठक चार मई को होने वाली है। जिसमें डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए सरकार व्यापारियों को कैशबैक और ग्राहकों को अधिकतम खुदरा मूल्य पर छूट देने जैसे एक प्रस्ताव पर विचार कर रही है। संभावना है कि जीएसटी परिषद की 4 मई को होने वाली बैठक में इसका प्रस्ताव रखा जाए। लेकिन परिषद की इस बैठक में न्य़ूज प्रिंट पर से 5 प्रतिशत की जीएसटी हटाई जाएगी इस पर कोई कदम उठाया जाएगा इसकी संभावना नहीं दिखती। जीएसटी परिषद में सभी राज्यों के वित्तमंत्री शामिल होंगे। हम बता दें कि जीएसटी परिषद के अध्यक्ष केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली हैं।


सूत्रों के अनुसार मीडिया उद्योग जगत (प्रिंट मीडिया) को जीएसटी परिषद की इस बैठक में कोई सहूलिएत मिलेगी इसकी संभावना नहीं दिखती। न्यूज़ प्रिंट के व्यापारियों ने इस बैठक से राहत की उम्मीद लगाई हुई थी लेकिन सरकार के रूख को देखते हुए नहीं लगता कि उन्हें कोई राहत मिलने वाली है। जबकि इस मुद्दे को लेकर पिछले दिनों मीडिया समूह के कुछ प्रतिनिधियों ने केंद्रीय गृहमंत्री से मिलकर न्यूज़ प्रिंट पर से 5 प्रतिशत की जीएसटी खत्म करने के लिए हस्ताक्षेप करने की मांग की थी। राजनाथ सिंह ने इस मुद्दे पर सकारात्मक जवाब मीडिया प्रतिनिधियों को दिया था। लेकिन अभी तक कुछ हुआ नहीं है। राजनाथ के साथ मीडिया कर्मियों की हुई मुलाकात सिर्फ औपचारिक ही साबित हुई है। हम बता दें कि न्यूंज प्रिंट पर 5 प्रतिशत की जीएसटी लगाए जाने से लघु मध्यम वर्ग के मीडिया उद्योग समूहों को अख़बार निकालना काफी मंहगा पड़ रहा है। पहले ज्यादातर न्यूज प्रिंट के कागज चीन से आयात होते थे। अब चीन से आयात होने वाले न्यूज़ प्रिंट पर लगाम लग चुका है। देश में जीएसटी लागू होने के बाद न्यूज़प्रिंट की कीमत 38 रूपए प्रतिकिलो की जगह अब लगभग 58 रूपए प्रतिकिलो हो चुका है। न्यूज प्रिंट पर जबसे जीएसटी लगा है तब से लघु और मध्यम मीडिया उद्योग जगत की कमर टूट चुकी है।

जबकि ज्यादा नहीं कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर एक ख़बर वायरल हुई थी। जिसमें कहा गया था कि केंद्र सरकार ने न्यूज़ प्रिंट पर से 5 प्रतिशत जीएसटी हटा ली थी। इस ख़बर के आने के बाद से समाचार मालिकों में आशा की एक किरण दौडी थी। लेकिन सरकार की तरफ से वायरल हुए इस प्रपत्र पर कोई व्यवहारिक कार्रवाई नहीं की गयी, न ही कहा गया कि वायरल हो चुका यह पत्र झूठा था। जबकि जो प्रपत्र वायरल हुआ था और दावा किया गया था कि यह पत्र प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी किया गया है उसका नंबर PMOPG/D/2017/0524256 था।


यानि ऐसा पत्र प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी किया गया कि नहीं किया गया है इस विषय पर बोलने के लिए सरकार के संबंधित विभाग का कोई अधिकारी तैयार नहीं हुआ। हां सूचना प्रसारण मंत्रालय के एक अधिकारी ने यह जरूर कहा कि न्यूज़ प्रिंट पर जीएसटी पहले की तरह यथावत है उसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। लेकिन संबंधित पत्र को लेकर जब सवाल किया गया तो उस पर कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया गया। फिलहाल न्यूज़ प्रिंट पर 5 प्रतिशत की जीएसटी लगने से लघु और मध्यम प्रिंट मीडिया उद्योग चौपट होने की कगार पर है और सरकार भी इस मुद्दे पर आंख मूंदे हुए है।




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