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फिर स्मृति ईरानी बनीं प्रधानमंत्री के कोपभाजन की शिकार!

थर्ड आई वर्ल्ड न्यूज़

नई दिल्ली

16 मई 2018

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को बार-बार केंद्रीय मंत्रिमंडल से इधर-उधर किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि स्मृति ईरानी के काम-काज से प्रधानमंत्री खुश नहीं हैं। स्मृति ईरानी के काम करने के तरीके से प्रधानमंत्री खुश नहीं हैं। हाल के उनके एक फैसले से भी प्रधानमंत्री कार्यालय को हस्ताक्षेप करना पड़ा था। हम बता दें कि स्मृति ईरानी अब केवल टेक्सटाइल मंत्रालय की प्रभारी रहेंगी। दूसरी बार है जब स्मृति ईरानी से हाई प्रोफाइल मंत्रालय लिया गया हो। इससे पहले उनसे मानव संसाधन मंत्रालय लिया गया था और प्रकाश जावड़ेकर ने उनकी जगह ली थी।


अपने फैसलों को लेकर स्मृति ईरानी अक्सर विवादों में रहती हैं। हाल ही में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने फेक न्यूज (फर्जी खबरों) पर अंकुश लगाने के उपायों के तहत बयान जारी कर कहा था कि अगर कोई पत्रकार फर्जी खबरें करता हुआ या इनका दुष्प्रचार करते हुए पाया जाता है तो उसकी मान्यता स्थायी रूप से रद्द की जा सकती है। बयान में कहा गया था कि पत्रकारों की मान्यता के लिए संशोधित दिशा-निर्देशों के मुताबिक अगर फर्जी खबर के प्रकाशन या प्रसारण की पुष्टि होती है तो पहली बार ऐसा करते पाए जाने पर पत्रकार की 6 महीने के लिए मान्यता निलंबित की जाएगी। जबकि दूसरी बार ऐसा करते पाए जाने पर उसकी मान्यता 1 साल के लिए निलंबित की जाएगी। वहीं तीसरी बार अगर इसका उल्लंघन होता है तो पत्रकार (महिला/ पुरुष) की मान्यता स्थायी रूप से रद्द कर दी जाएगी।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने स्मृति ईरानी के फैसला पलटते हुए कहा है कि इसे पूरी तरह प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के ऊपर छोड़ देना चाहिए। पीएमओ के इस फैसले से स्मृति ईरानी पर सवाल खड़े होने लगे थे। स्मृति ईरानी को अपने विवादित बयानों के कारण कई बार आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। मंत्री बनने के बाद से लगातार उनका किसी न किसी विवाद में नाम आता रहता है। स्मृति ईरानी के शिक्षा मंत्री बनने के बाद यूजीसी के निर्देश पर दिल्ली यूनिवर्सिटी को चार साल का डिग्री कोर्स वापस लेना पड़ा था।


2019 लोकसभा चुनावों से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में अचानक फेरबदल कर दिया। किडनी ट्रांसप्लाट और ऑपरेशन के चलते केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली की जगह पीयूष गोयल वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे। जेटली से मंत्रालय लिया जाना स्वाभाविक माना जा रहा है, लेकिन स्मृति ईरानी से सूचना प्रसारण मंत्रालय वापस लेना बड़ा फैसला माना जा रहा है। स्मृति से इससे पहले भी एचआरडी मंत्रालय छीना गया था। सूचना प्रसारण मंत्रालय में ही राज्यमंत्री के रूप में काम देख रहे राज्यवर्धन सिंह राठौर ही अब पूरी तरह से सूचना प्रसारण मंत्रालय का कामकाज संभालेंगे।




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