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फेसबुक द्वारा 60 कंपनियों के साथ डाटा साझा करने का समझौता बेहद घातक

थर्ड आई वर्ल्ड न्यूज़

नई दिल्ली

५ जून 2018

अखिल भारतीय व्यापार संघ ने कहा है कि देश के एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित इस खबर पर की फेसबुक ने सेल फ़ोन निर्माता कंपनियों एवं अन्य डिवाइस बनाने वाली कंपनियों के साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर समझौते करते हुए फेसबुक का डाटा साझा किया है जो की बेहद चौंकाने वाली खबर है और देश के व्यापार, अर्थव्यवस्था एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा भी है। डाटा साझा करने का इस प्रकार का समझौता फेसबुक अब तक लगभग 60 कंपनियों से कर चुका है।


इसमें न केवल फेसबुक का उपयोग करने वाले बल्कि उनकी मित्र सूची के व्यक्तियों का डाटा भी साझा किया गया है। कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने इस सम्बन्ध में केंद्रीय दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद को एक पत्र भेजकर इस तरफ उनका ध्यान आकृष्ट करते हुए आग्रह किया है की इस बेहद संवेदनशील मुद्दे का तुरंत संज्ञान लिया जाए और इस पर रोक हेतु तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए। कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी. भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा की व्यापार की दृष्टि से ये बेहद संवेदनशील मुद्दा है क्योंकि डाटा के विवरण को भीतर तक खंगालने पर व्यक्ति अथवा व्यक्तियों या किसी विशेष व्यापार का व्यवहार, उनकी खरीद अथवा बेचने की शैली, व्यापार का ट्रेंड, वरीयताएं, खरीद बेच की अर्थशक्ति आदि के बारे में आसानी से पता लगाया जा सकता है। इस प्रकार से बड़ी कंपनियां अपनी बिक्री नीति का निर्धारण कर सकती हैं और कुछ कंपनियां मिलकर व्यापार पर कब्ज़ा भी कर सकती है।

खंडेलवाल ने कहा की वर्तमान में स्मार्टफोन का उपयोग लगभग सभी लोग करते हैं और डाटा स्टोरेज का यह सबसे बड़ा हथियार है। यदि आपके पास फोन है तो कौन कहाँ किस वक़्त गया, बैंक और भुगतान से सम्बंधित क्या क्या किस किस जगह किया, व्यक्ति का निजी एवं गोपनीय डाटा सब पता लगाया जा सकता है जो संविधान के निजता के अधिकार का सीधा उल्लंघन भी है। इस डाटा के माध्यम से अर्थव्यवस्था की शक्ति एवं कमजोरियों का भी आंकलन आसानी से किया जा सकता है और राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्व के विषय भी डाटा के माध्यम से पता लगाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा की सरकार को तुरंत इस ओर ध्यान देकर साइबर सुरक्षा के लिए एक पुख्ता नीति बनाई जाने की जरूरत है।





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