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तकनीक के इस दौर में डेटा ही असली पूंजी है, संभाल कर रखें इसे - पॉल

थर्ड आई वर्ल्ड न्यूज़

नई दिल्ली

८ जून २०१८

दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में ‘स्मार्ट सिटी और साइबर सुरक्षा’ विषय पर आयोजित एक दिन के सेमिनार का उद्घाटन करते हुए डॉ. पाल ने अपने संबोधन में साइबर सुरक्षा के सभी पहलुओं पर विस्तार से बात रखी। उन्होंने कहा कि तकनीक के इस दौर में डेटा ही असली पूंजी है। इसे बहुत संभाल कर रखना चाहिए व इसकी सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध करने चाहिए। इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सेक्युरिटी एंड सेफ्टी मैनेजमेंट द्वारा आयोजित इस सेमिनार में विभिन्न साइबर सुरक्षा से जुड़े 300 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए एन.एस.जी. आई.टी.बी.पी. और बी.एस.एफ. आदि सुरक्षा बलों के साइबर विभाग के प्रतिनिधि भी सेमिनार में शामिल हुए।


स्मार्ट सिटी और साइबर सुरक्षा विषय पर अपना विस्तृत शोध प्रस्तुत करते हुए उत्तराखंड के राज्यपाल डॉ. के.के. पॉल ने कहा कि एक समय में माओत्से तुंग ने कहा था कि सत्ता बंदूक की नली से निकलती है। वह दौर बहुत पहले बीत गया। समझना होगा कि आज असली ताकत सूचना में हैं। यहां तक की भूगर्भीय खनिज पदार्थो और जमीन के मुकाबले आजकल डेटा भी एक सम्पदा हो गया है। सूचना प्रौद्योगिकी के इस युग में डेटा को संरक्षित रखने और उसके दुरूपयोग को रोकने के लिए भारत ने सन् 2000 में आई.टी.एक्ट बनाया था। इसके निरंतर विकास और उत्पन्न चुनौतियों को देखते हुए इस एक्ट में अब तक 20 संशोधन हो चुके हैं। इसी से हम सूचना युग में इसका महत्व समझ सकते हैं।

डॉ. पॉल ने कहा कि नई तकनीकी ने हमारे पूरे जीवन और समाज को प्रभावित किया है। आपसी सूचनाओं का आदान-प्रदान और लेन-देन से लेकर पूरा व्यापार तकनीकी पर आधारित होता जा रहा है। ऐसे में निजता की सुरक्षा बहुत महत्व रखती है। आपकी जानकारी और आवश्यक गोपनीय बातों की सुरक्षा का महत्व बहुत बढ़ जाता है। हमें चाहिए कि हम लोगों को जागरूक करें कि कौन सी बातें सोशल मीडिया से लेकर संस्थाओं तक को शेयर करें और कौन सी नहीं, खासकर बच्चों को इस बारे में सावधान करना चाहिए।





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