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भाजपा ने जिस सोशल मीडिया को सत्ता पाने का ढ़ाल बनाया वही अब उसे भस्मासुर लग रहा है!

आकाश श्रीवास्तव

थर्ड आई वर्ल्ड न्यूज़

नई दिल्ली, १० जुलाई २०१८

नई दिल्ली। इन दिनों सोशल मीडिया में चल रही जुमलेबाजी में मोदी सरकार की नीतियों और काम की खूब खिंचाई हो रही है। सूत्र बताते हैं कि इन तमाम पहलुओं को देखते हुए भाजपा का सोशल मीडिया बिंग अब नए सिरे से काम करने में लग गया है। इसमें सबसे बड़ा निशाना मीडिया को बनाया जा रहा है। कहने के मतलब सोशल मीडिया पर इन दिनों ऐसे संदेश भेजे जा रहे हैं कि जिससे आम जनता और मीडिया को सरकार के खिलाफ बोलने और लिखने से मनोवैज्ञानिक तरीके से रोका जाए। यानि लोग डरे और सरकार के खिलाफ कुछ कहने से पहले सौ बार सोचें। यानी जिस सोशल मीडिया को सत्ता पाने के लिए भाजपा ने हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया अब वही उसे वही भस्मासुर जैसे दिखने होने लगा है।


बीजेपी को सोशल मीडिया का बेहतरीन खिलाड़ी माना जाता है, लेकिन अब पार्टी के लिए सोशल मीडिया हैंडल करना आसान नहीं रहा। हालांकि बीजेपी सोशल मीडिया की बेहद मंझी हुई खिलाड़ी मानी जाती है, पार्टी ऑनलाइन स्पेस में अच्छी खासी जगह रखती है। भाजपा का ट्विटर एकाउंट बेहद ही एक्टिव है और सोशल मीडिया पर भी इसके मैसेज लोगों को आकर्षित करते हैं। ट्रोलिंग में भी पार्टी का जवाब नहीं लेकिन पार्टी के लिए ऑनलाइन स्पेस में हो रही आलोचना और विरोध अब परेशानी बन गया है। हालांकि बीजेपी की चिंता का कारण सिर्फ ऑनलाइन आलोचना ही नहीं है बल्कि नोटबंदी, जीएसटी, पेट्रोल की तेज होती कीमतें सभी मुद्दे परेशानी बढ़ा रहे हैं। एक ट्वीट में पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए कहा गया है कि "जब सरकार बोले जीडीपी की दर बढ़ रही है तो समझ लेना कि उसका असली मतलब गैस, डीजल और पेट्रोल से है। इन दिनों सोशल मीडिया पर भाजपा के विकास कार्यों और कार्यक्रमों का मजाक उड़ाते फोटो, जोक्स, वीडियो वायरल हो रहे हैं। बीजेपी कि चिंता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के बयान में साफ नजर आती है। कुछ समय पहले अमित शाह ने सोशल मीडिया कैंपेन पर निशाना साधते हुए कहा था "मैं युवाओं से अपील करता हूं कि वे व्हाट्सऐप और फेसबुक पर बीजेपी के विरोध में जो बातें कही जा रहीं हैं उसपर विश्वास न करें।"

पार्टी को चिंता है कि उसकी बिगड़ती छवि देश के अन्य राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों पर भी असर डाल सकती है। साल 2018 में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान में चुनाव होने हैं। पार्टी का साइबर विभाग संभाल रहे रोहन गुप्ता के मुताबिक, "हमे लोगों के जेहन में इस बात को जिंदा रखना है कि विकास के नाम पर उन्हें पिछले 22 सालों के दौरान प्रशासन से क्या मिला। विश्लेषक मानते हैं कि भारतीय सोशल मीडिया में बदलाव की बयार चल रही है। सत्ता तक पहुंचने के लिए जिस भाजपा को इसका लाभ मिला था अब उसके हितों को सोशल मीडिया प्रभावित कर रहा है। कुछ संगठन और समूहों ने अब भाजपा को निशाना बनाया है जो पार्टी के लिए चिंता की बात है।"


भाजपा ने अब तक सोशल मीडिया का इस्तेमाल लोगों की समझ को अपनी नीति मुताबिक ढालने के लिए किया है जिसका प्रभाव अब उल्टा हो रहा है। पिछले आम चुनावों में भाजपा ने अन्य राजनीतिक दलों की तुलना में सबसे अधिक सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया था। अपने पूरे चुनावी अभियान के दौरान भाजपा ने सबसे अधिक राजनीतिक ट्वीट और पोस्ट किए। यहां तक कि प्रधानमंत्री के टि्वटर पर तकरीबन 3.4 करोड़ फॉलोअर्स है। फॉलोअर्स के मामले में मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से बस थोड़ा ही पीछे हैं। लेकिन अब माहौल बीजेपी के लिए बदल रहा है।




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