ताज़ा समाचार-->:
अब खबरें देश-दुनिया की एक साथ एक जगह पर-->

देश एवं राजनीति

फार्मा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए अगले 25 वर्षों के लिए एक रोडमैप बनाने की जरूरत
भारत जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा निर्माता है - माडविया

आकाश श्रीवास्तव

थर्ड आई वर्ल्ड न्यूज़ नेटवर्क

नई दिल्ली, 4 अक्टूबर 2021

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, रसायन और उर्वरक मंत्री मनसुख मंडाविया ने रसायन और उर्वरक मंत्रालय के लिए आजादी का अमृत महोत्सव के प्रतिष्ठित सप्ताह समारोह का उद्घाटन किया। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (एनआईपीईआर), एसएएस नगर, पंजाब प्रतिष्ठित सप्ताह समारोह के हिस्से के रूप में व्याख्यान श्रृंखला, संगोष्ठी और प्रदर्शनियों सहित एक सप्ताह तक चलने वाली गतिविधियों का आयोजन कर रहा है।

आइकोनिक सप्ताह का उद्घाटन करते हुए श्री मंडाविया ने कहा कि भारत को सही मायने में विश्व का औषधालय कहा जाता है। भारत जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा निर्माता है। भारत दुनिया के कई देशों को जेनेरिक दवाओं का निर्यात भी कर रहा है। उन्होंने कहा कि एनआईपीईआर ने भारत में फार्मा उद्योगों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि उनका पाठ्यक्रम और अनुसंधान उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप होना चाहिए और उन्हें एमएसएमई को नवीन समाधान प्रदान करने चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि एनआईपीईआर को देश में शुरू किए जा रहे चिकित्सा उपकरण पार्कों के साथ भी सहयोग करना चाहिए।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आज जब हम अपनी आजादी की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं तो फार्मास्युटिकल विभाग और एनआईपीईआर को अगले 25 साल के लिए रोडमैप के बारे में सोचना चाहिए। आज हम सक्रिय दवा सामग्री (एपीआई) के लिए आयात पर निर्भर हैं। भारत में दवाओं के बहुत कम पेटेंट हैं। यह आने वाले 25 वर्षों में बदलना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें इस क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास करना चाहिए।

मंडाविया ने कहा कि भारत ने रिकॉर्ड समय में कोविड-19 के टीके विकसित कर यह दिखाया है कि भारत में दिमाग और जनशक्ति की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री ने पीएम गरीब कल्याण पैकेज के तहत वैक्सीन अनुसंधान के लिए 9000 करोड़ रुपये आवंटित करके हमारे वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं की क्षमताओं पर भरोसा किया। भारत के प्रमुख चिकित्सा अनुसंधान संगठन, आईसीएमआर ने कोवैक्सिन के विकास में भागीदारी की है। उन्होंने कहा कि इसी तरह अन्य अनुसंधान और शैक्षणिक संस्थानों को भी उद्योगों के साथ सहयोग करना चाहिए।

एस अपर्णा, सचिव, फार्मास्यूटिकल्स विभाग, एनआईपीईआर शीर्ष परिषद अध्यक्ष, प्रो. दुलाल पांडा, निदेशक, एनआईपीईआर एसएएस नगर और रसायन और उर्वरक मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।



केंद्रीय रसायनिक मंत्री मनसुख मांडविया।





जरा ठहरें...
दिल्ली में 81वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन का आयोजन
लोकसभा अध्यक्ष के नेतृत्व में वियना जाएगा संसदीय शिष्टमंडल
प्रधानमंत्री ने लालकिले के प्राचीर से भरी हुंकार, बोले यह सही वक्त है काम करने का
लोकतांत्रिक देशों के साथ विचारों के आदान प्रदान में संसदीय समूह की अहम भूमिका - ओम बिरला
लोकसभा का मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
समाजवादी पार्टी अपने दम पर उ.प्र. का अगला चुनाव लड़ेगी – अखिलेश यादव
राष्ट्रीय स्वयं सवेक संघ ने देशभर में की कोरोना पीड़ितो की मदद
उर्वरक कंपनियां प्रतिदिन 50 टन आक्सीजन की आपूर्ति करेंगी
केंद्रीय लोक निर्माण विभाग द्वारा कॉलोनियों का पुनर्विकास का काम तेज
एक राष्ट्र एक राशन कार्ड से प्रवासी मजदूरों को होगा फायदा - श्रम सचिव
गणतंत्र दिवस पर राजपथ पर दिखी भारत की आन बान शान की तस्वीर
सर्वोच्च न्यायालय ने कृषि विधेयक के लागू होने पर लगाई रोक, गठित की समिति
गाँव और कृषि आत्मनिर्भर व्यवस्था के दो मज़बूत आधार: नरेंद्र सिंह तोमर
कृषि विधेयक पास: प्रधानमंत्री बोले किसानों तक तकनीकि पहुंचने में आसानी होगी
"एक दिन ऑक्साईचीन और पीओके हमारा होगा"
वॉपकॉस ने 1110 करोड़ रुपये की अब तक सर्वाधिक आय अर्जित की!
देश की सबसे बड़ी सुरंग देश को समर्पित, प्रधानमंत्री ने किया उद्घाटन
 
 
Third Eye World News
इन तस्वीरों को जरूर देखें!
Jara Idhar Bhi
जरा इधर भी

Site Footer
इस पर आपकी क्या राय है?
चीन मुद्दे पर क्या सरकार ने जितने जरूरी कठोर कदम उठाने थे, उठाए कि नहीं?
हां
नहीं
पता नहीं
 
     
ग्रह-नक्षत्र और आपके सितारे
शेयर बाज़ार का ताज़ा ग्राफ
'थर्ड आई वर्ल्ड न्यूज़' अब सोशल मीडिया पर
 फेसबुक                                 पसंद करें
ट्विटर  ट्विटर                                 फॉलो करें
©Third Eye World News. All Rights Reserved.