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आर्थिक-समाचार

बजट में सर्विस टैक्स बढ़ सकता है, जनता पर होगी महंगाई की मार

नई दिल्ली

30 जनवरी 2017

नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था जीएसटी को लागू करने की तैयारियों के बीच वित्त मंत्री अरुण जेटली आगामी बजट में सर्विस टैक्स को बढ़ाकर 16 से 18 पर्सेंट करने का ऐलान कर सकते हैं। फिलहाल देश में सर्विस टैक्स की दर 15 पर्सेंट है। सर्विस टैक्स की दरें बढ़ने से फोन, उड़ान, रेस्तरां और तमाम अन्य प्रकार की सेवाओं का उपभोग करने वालों पर टैक्स का बोझ बढ़ जाएगा। केंद्र सरकार ने 1 जुलाई या फिर 1 अक्टूबर से जीएसटी को लागू किए जाने का लक्ष्य तय किया है। जीएसटी के लागू होने पर केंद्र और राज्य सरकार की ओर से लगाए जाने वाले तमाम अप्रत्यक्ष कर इसमें समाहित हो जाएंगे। आम बजट इस बार बुधवार को पेश किया जाएगा और बजट तथा वित्त विधेयक पारित कराने की पूरी प्रक्रिया नया वित्त वर्ष शुरु होने से पहले सम्पन्न करा ली जाएगी ताकि 1 अप्रैल से ही विभाग अपने लिए प्रस्तावित बजट राशि का उपयोग शुरू कर सकें।


जीएसटी में टैक्स की दरों को 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत के स्तर पर रखने का निर्णय किया गया है। टैक्स एनालिस्ट्स के मुताबिक सर्विस टैक्स की दर को इस बार के बजट में उपरोक्त में से किसी एक स्तर के नजदीक ले जाना तर्कसंगत होगा। फिलहाल सर्विस टैक्स की दर 15 पर्सेंट हैं, ऐसे में इसे 16 प्रतिशत के स्तर के करीब ले जाया जाना स्वाभाविक माना जाएगा। जेटली ने अपने पिछले बजट में सर्विस टैक्स की दर को 0.5 पर्सेंट बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था। विशेषज्ञों की राय में वे इसे 16 प्रतिशत तक ले जा सकते हैं। पर कुछ विशेषज्ञों की राय है कि विभिन्न सेवाओं को अलग-अलग स्तर की दरों के साथ रखा जा सकता है। ऐसे में आम लोगों के इस्तेमाल की सेवाओं पर 12 प्रतिशत और बाकी पर 18 फीसदी की दर रखी जा सकती है। पिछले बजट में सर्विस टैक्स से 2.31 लाख करोड़ रुपये हासिल होने का अनुमान लगाया गया था। यह केंद्र सरकार के कुल 16.30 करोड़ रुपये के टैक्स रेवेन्यू के बजट अनुमान का 14 पर्सेंट है।

तीसरी बार सर्विस टैक्स में इजाफा करेंगे अरुण जेटली
जेटली की ओर से यदि सर्विस टैक्स में इजाफे का ऐलान किया जाता है तो यह उनकी ओर से तीसरी बार इजाफा होगा। इससे पहले 1 जून, 2015 को उन्होंने सर्विस टैक्स को 12.36 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 पर्सेंट किया था। इसके अलावा सभी सेवाओं पर 0.5 प्रतिशत की दर से स्वच्छ भारत उपकर लगाया गया, जिससे 15 नवंबर, 2015 से सेवा कर का कुल कराधान 14.5 प्रतिशत हो गया था। पिछले बजट में इसमें 0.5 प्रतिशत का किसान कल्याण उपकर लगा दिया गया और इस तरह सर्विस टैक्स 15 पर्सेंट हो गया। सा.नभाटा।





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