ताज़ा समाचार-->:
अब खबरें देश-दुनिया की एक साथ एक जगह पर-->

शिक्षा/संस्कृति/पर्यटन

मानव संशाधन विकास मंत्रालय का नाम फिर से शिक्षा मंत्रालय हुआ!
केंद्र सरकार ने देश में नई शिक्षा नीति की दी मंजूरी...!

आकाश श्रीवास्तव

थर्ड आई वर्ल्ड न्यूज़ नेटवर्क

नई दिल्ली, 30 जुलाई 2020

मोदी सरकार ने नई शिक्षा नीति को लागू करने के साथ ही केंद्रीय मानव संशाधन मंत्रालय का नाम फिर से शिक्षा मंत्रालय कर दिया है। शुरुआत में इस मंत्रालय का नाम शिक्षा मंत्रालय ही था लेकिन 1985 में इसे बदलकर मानव संसाधन मंत्रालय नाम दिया गया था। नई शिक्षा नीति के मसौदे में इसे फिर से शिक्षा मंत्रालय नाम देने का सुझाव दिया गया था।


जावड़ेकर ने नई शिक्षा नीति को ऐतिहासिक बताया। वहीं, रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि नई शिक्षा नीति के बाद भारत ज्ञान की महाशक्ति बनकर उभरेगा। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति को व्यापक विचार-विमर्श के बाद तैयार किया गया। उन्होंने बताया कि विशेषज्ञों से लेकर जन प्रतिनिधियों तक से गहन चर्चा, परामर्श के बाद इसे तैयार किया गया। उन्होंने कहा कि सवा 2 लाख सुझाव आए थे। उच्च शिक्षा और स्कूली शिक्षा के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई थी। केंद्रीय कैबिनेट ने नई शिक्षा नीति को मंजूरी दे दी है। अब ह्यूमन रिसोर्स मिनिस्ट्री यानी मानव संसाधन मंत्रालय को शिक्षा मंत्रालय के नाम से जाना जाएगा। बुधवार को पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। कैबिनेट बैठक के बाद मानव संशाधन मंत्रालय रमेश पोखरियाल निशंक और सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने नई शिक्षा नीति के बारे में विस्तार से बताया।

नई शिक्षा नीति के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के पूर्व चीफ के. कस्तूरीरंगन की अगुआई में एक पैनल का गठन किया गया था। इस पैनल ने पिछले साल एचआरडी मिनिस्ट्री में नई शिक्षा नीति के मसौदे को पेश किया था।





जरा ठहरें...
एक अनामिका ने शिक्षा महकमें में चल रहे भ्रष्टाचार, अव्यवस्था, मनमानी के गठजोड़ को उजागर कर दिया!
सीबीएसई की बाकी परीक्षाएं १ से १५ जुलाई के मध्य - मानव संशाधन मंत्रालय
कक्षा 7 के विद्यार्थी ने पूर्ण की 900 किमी. मैराथन
परीक्षा पर चर्चा के तहत प्रधानमंत्री ने छात्रों के सवालों का दिया जवाब
सूचना को साझा करने के लिए सोशल मीडिया एक प्रभावी साधन है: रमेश पोखरियाल
देश में बनेगा पहला संस्कृत विश्वविद्यालय!
नोएडा इंटरनेशनल लिटरेचर का हुआ समापन
भारत अपनी प्रतिभा की लोहा मनवाने के लिए 2021 की पिसा प्रतियोगिता में हिस्सा लेगा - निशंक
2020 तक IIT में छात्रों की भर्ती संख्या बढ़ाकर एक लाख करने की योजना
भारतीय पुरातत्व विभाग की नई इमारत धरोहर का उद्घाटन किया प्रधानमंत्री मोदी ने
रोमानिया में पढ़ाया जाता है रामायण और महाभारत के अंश
कौन है आज का प्रेमचंद? हिंदी साहित्य का अमर साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद
रामचरित मानस की दुर्लभ प्राचीन पांडुलिपि बरामद
 
 
Third Eye World News
इन तस्वीरों को जरूर देखें!
Jara Idhar Bhi
जरा इधर भी

Site Footer
इस पर आपकी क्या राय है?
चीन मुद्दे पर क्या सरकार ने जितने जरूरी कठोर कदम उठाने थे, उठाए कि नहीं?
हां
नहीं
पता नहीं
 
     
ग्रह-नक्षत्र और आपके सितारे
शेयर बाज़ार का ताज़ा ग्राफ
'थर्ड आई वर्ल्ड न्यूज़' अब सोशल मीडिया पर
 फेसबुक                                 पसंद करें
ट्विटर  ट्विटर                                 फॉलो करें
©Third Eye World News. All Rights Reserved.