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मोबाइल-बाजार

मोबाइल के बिल में ३० प्रतिशत तक का गिरावट आ सकता है

२४ अगस्त २०१७

मोबाइल फोन सब्सक्राइबर्स का बिल आने वाले समय में काफी कम हो सकता है। अगले साल इसमें औसतन लगभग 25 से 30 पर्सेंट की कमी आ सकती है। हेवी कंजंप्शन वाले डेटा यूजर्स के बिल में भारी कमी हो सकती है। ऐनालिस्टों और इंडस्ट्री इनसाइडर्स इसकी वजह टेलिकॉम कंपनियों के बीच चल रही प्राइस वॉर को बता रहे हैं। सब्सक्राइबर्स का मोबाइल बिल पिछले एक साल में औसतन 25-32 पर्सेंट घट चुका है। सबसे ज्यादा फायदा डेटा के हेवी प्रीपेड यूजर्स को हुआ है, जिनके बिल में 60-70 पर्सेंट कमी आई है।

यह भारती एयरटेल, वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्युलर के वॉइस और डेटा रेट घटाने की वजह से हुआ है। इन कंपनियों ने रिलायंस जियो की वजह से रेट घटाए हैं। वैसे जियो का डेटा रेट अब भी मार्केट रेट से कम है जबकि यह वॉइस कॉल फ्री में मुहैया करा रही है।डेलॉयट हैस्किंस ऐंड सेल्स एलएलपी के पार्टनर हेमंत जोशी के मुताबिक, ‘एवरेज मंथली मोबाइल बिल 2016 के 349 रुपये से घटकर 2017 में लगभग 240-280 रुपये रह गया है।’ ऑपरेटर्स कस्टमर्स को बनाए रखने के लिए बंडल्ड डेटा और वॉइस पैकेज का इस्तेमाल कर रहे हैं। जोशी ने कहा कि नए बिजनस मॉडल और अग्रेसिव टैरिफ वॉर के चलते एवरेज मोबाइल मंथली बिल और 30 पर्सेंट घट सकता है। बिग फोर कंसल्टिंग कंपनियों में शामिल केपीएमजी का अनुमान है कि बिल में डबल डिजिट में गिरावट आ सकती है। पिछले एक साल में मंथली मोबाइल बिल 30-32 पर्सेंट घट चुका है। केपीएमजी इंडिया में टेलिकॉम पार्टनर और हेड मृत्युंजय कपूर कहते हैं, ‘आने वाले समय में मंथली मोबाइल बिल में कमी कन्ज्यूमर को मिलने वाले डिफरेंशिएटर के असर पर डिपेंड करेगी। कुछ डिफरेंशिएटर खास कस्टमर सेगमेंट के लिए पेश किए गए हैं और उनकी कामयाबी खासतौर पर रूरल इलाकों में पहुंच और कस्टमर्स की स्वीकार्यता पर निर्भर करेगी।’ 

मोबाइल ऑपरेटर 28, 56 और 84 दिन के लिए 250 से 500 रुपये की रेंज में 1जीबी/2जीबी फेयर यूसेज पॉलिसी के साथ अनलिमिटेड डेटा और वॉइस सर्विस मुहैया करा रहे हैं। जिन सब्सक्राइबर्स का डेली कंजंप्शन 8 जीबी से ज्यादा होता है, उनको हेवी डेटा यूजर्स कैटिगरी में रखा जाता है। ईवाई में ग्लोबल टेलिकम्यूनिकेशन्ज के लीडर प्रशांत सिंघल ने कहा, ‘हेवी डेटा यूजर्स के बिल में तो 60 से 70 पर्सेंट मंथली की गिरावट आई है लेकिन प्योर वॉइस सब्सक्राइबर्स के बिल में आई कमी 10 से 15 पर्सेंट मंथली तक सीमित रही है।’ रिसर्च फर्म काउंटरपॉइंट रिसर्च के मुताबिक मंथली बिल में कमी का सबसे ज्यादा फायदा प्रीपेड कस्टमर्स को हुआ है। उनके एवरेज मंथली बिल में 22 पर्सेंट कमी आई है जबकि पोस्ट पेड कस्टमर्स का बिल 10 से 15 पर्सेंट घटा है। एक टेलिकॉम ऑपरेटर के सीनियर एग्जिक्यूटिव ने कहा, ‘हम सेक्टर में स्थिरता आने और बिल में गिरावट थमने की उम्मीद कर रहे हैं। ऐसा नहीं हुआ तो हमारा लॉस बढ़ जाएगा।’








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