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कर्नाटक

ओपेनियन पोल में कर्नाटक में कांग्रेस को बढ़त!
लेकिन त्रिशंकु विधानसभा बनने की संभावना!

नई दिल्ली

१४ अप्रैल 2018

एक समाचार चैनल द्वारा कर्नाटक विधानसभा चुनाव के पूर्व किए गए ओपिनियन पोल में कर्नाटक विधानसभा चुनावों में कांटे के टक्कर की संभावना है। इस बीच ओपेनियन पोल में यह भी संभावना दिखाई जा रही है कि कर्नाटक विधानसभा का चुनाव परिणाम हंग भी आ सकता है। इस सर्वेक्षण में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर दिखाई जा रही है। जबकि भाजपा सत्तारूढ़ कांग्रेस को नजदीकी टक्कर दे रही है। इन सब ख़बरों और सर्वेक्षण के बीच जेडीएस हंग असेंबली में किंगमेकर की भूमिका निभा सकती है। हम यह भी बता दें कि 224 सीटों वाली कर्नाटक विधानसभा चुनाव में सिद्धारमैया अभी भी सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री हैं।


वर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया। जिनके खिलाफ कोई सत्ता विरोधी लहर नहीं दिखती।

ऑपिनियन पोल के अनुसार 224 सीटों वाली विधानसभा में कांग्रेस को 37 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 90 से 101 सीटें मिल सकती हैं। जबकि भारतीय जनता पार्टी को 35 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 78 से 86 सीटें पाने का अनुमान लगाया गया है। इस सर्वे में जनता दल सेक्युलर को किंग मेकर की भूमिका में दिखाया गया है, जिसे 19 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 34 से 43 सीटें मिलने की संभावना है। कांग्रेस के लिए सुकून की बात है कि इस ओपेनियन पोल में उसकी सरकार के खिलाफ एंटी इनकंबेसी नहीं दिख रही है। वहीं मुख्यमंत्री सिद्धारमैया कर्नाटक अस्मिता और सोशल इंजीनियरिंग की बदौलत भाजपा को परास्त करने में लगे हुए हैं। उधर भारतीय जनता पार्टी को लग रहा है कि इस स्थिति में जब वह कांग्रेस के बिल्कुल करीब खड़ी दिख रही है, तो चुनाव के अंत में प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में आक्रामक चुनाव प्रचार से वह जीत सकती है।

सन् 2013 में हुए चुनाव में कांग्रेस ने 122 सीट जीतक सरकार बनाई थी, वहीं भाजपा और जेडीएस को 40-40 सीटों पर संतोष करना पड़ा था। इसमें 13 सीटें अन्य को गई थीं, जबकि 9 निर्दलीय उम्मीदवारों को भी जीत हासिल हुई थी। कर्नाटक का चुनाव भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों के लिए अहम है। जहां भाजपा मोदी लहर के सहारे दक्षिण के दीवार माने जाने वाले इस राज्य पर एक बार फिर फतेह करना चाहती है, वहीं कांग्रेस के पास पंजाब के अलावा अकेला बड़ा राज्य कर्नाटक ही बचा है, जहां उसकी सरकार है।


ऐसे में वह इसे बचाकर 2019 से पहले खुद के लिए संभावना बनाए रखना चाहेगी। ऐसे में इस ओपेनियन पोल के बाद दोनों राजनीतिक दलों के लिए संभवानाएं दिखा रही हैं, तो चिंता की बात भी हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राज्य में एक दर्जन से अधिक रैली करने वाले हैं। इनके बीच पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के लिए भी यह ओपेनियन पोल सुकून लेकर आया है। इसके अनुसार उनकी पार्टी जेडीएस की अहमियत चुनाव के बाद बढ़ सकती है और उनके समर्थन के बगैर कोई भी दल सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है।



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