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आने वाला समय डिजिटल मीडिया का : जेटली

नई दिल्ली

३ फरवरी २०१५

केंद्रीय वित्त, कॉरपोरेट मामले, सूचना और प्रसारण मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को कहा कि प्रौद्योगिकी के कारण संचार के परिदृश्य में बदलाव आया है और डिजिटल मीडिया की पहुंच, परिमाण, विविधता और सुलभता के कारण आने वाला समय इसका होगा। जेटली ने कहा कि लगातार 24 घंटे चलने वाले टेलीविजन से मिलने वाली चुनौतियों के कारण समाचारों के प्रसार के तरीकों में बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि आज एजेंडा तय करने और विषय वस्तु के लिए कैमरा प्रमुख हो गया है, जिससे समाचार के प्रवाह पर असर पड़ रहा है।


जेटली ने यह बात यहां राष्ट्रीय मीडिया केन्द्र में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत पत्र सूचना कार्यालय द्वारा 'सरकारी संचार को व्यवस्थित बनाने' पर आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए कही। बदलते संचार परिप्रेक्ष्य में सरकारी संचार के महत्व और उपयुक्तता पर जेटली ने कहा, "आज के वातावरण में सरकार में हितधारकों के लिए विश्वसनीय, तथ्यपरक, उपयुक्त और पाठक के अनुकूल जानकारी के प्रसार के अत्यधिक अवसर हैं। आज भी किसी बड़े निर्वाचन क्षेत्र के लिए सरकार से प्रामाणिक और विश्वसनीय जानकारी की आवश्यकता होती है।" सरकारी सूचना के पैकेजिंग के बारे में जेटली ने जोर दिया कि सरकारी विभागों को सही और विश्वसनीय जानकारी देने के लिए उनकी वेबसाइटों का अधिक से अधिक उपयोग करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, "सरकार की नीतियों और कदमों से संबंधित जानकारी लेने वाले हितधारकों की शंकाओं को दूर करने के लिए वेबसाइट एक महत्वपूर्ण माध्यम है। वेबसाइट की सामग्री ऐसी भाषा में होनी चाहिए जिसे आसानी से पढ़ा और समझा जा सके।"

उन्होंने कहा कि प्रत्येक मंत्रालय को ऐसी प्रक्रिया बनाने की आवश्यकता है, जिसकी पहुंच हितधारकों तक हो। हितधारकों में जनता/सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हैं। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने कहा, "वर्तमान संचार का परिदृश्य रफ्तार, सटीक, संक्षिप्त और स्पष्ट विचारों से चालित है। बड़ी संख्या में हितधारकों तक पहुंच बढ़ाने के लिए संचार के नए उपकरणों का उपयोग करना महत्वपूर्ण है। संचार के परिप्रेक्ष्य में अनुभूति का प्रबंधन एक महत्वपूर्ण उपकरण बन गया है और इसे संपूर्णता में देखने की आवश्यकता है।"





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