ताज़ा समाचार-->:
अब खबरें देश-दुनिया की एक साथ एक जगह पर-->

मुख्य समाचार

कृष्ण जन्मभूमि विवाद: न्यायालय ने श्रीकृष्ण विराजमान की याचिका मंजूर की
शाही मस्जिद की जमीन समेत 13.37 एकड़ इलाके पर दावा; सुनवाई 18 नवंबर को

थर्ड आई वर्ल्ड न्यूज़ नेटवर्क

17 अक्टूबर 2020

मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद पर श्रीकृष्ण विराजमान की याचिका शुक्रवार को कोर्ट ने मंजूर कर ली। याचिकाकर्ता रंजना अग्निहोत्री ने कहा कि 25 सितंबर को सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। 30 सितंबर को सिविल जज ने हमारे केस को खारिज कर दिया था। तब कोर्ट ने कहा था कि भक्त होने के नाते अगर हमारा केस मंजूर किया जाता है तो न्यायिक व्यवस्था ध्वस्त हो जाएगी। इस आदेश के बाद जिला न्यायालय में अपील की। हमने जो ग्राउंड दिए थे, उसके आधार पर जिला कोर्ट ने हमारी अपील मंजूर की है।



शुक्रवार को जिला अदालत ने इस मामले में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड समेत 4 पार्टियों को नोटिस भेजा। अगली सुनवाई 18 नवंबर को होगी। श्रीकृष्ण विराजमान के वकील हरिशंकर जैन ने बताया कि वक्फ बोर्ड के अलावा शाही मस्जिद ईदगाह ट्रस्ट, श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट, श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान को नोटिस जारी किए गए हैं। इससे पहले 12 अक्टूबर को श्रीकृष्ण विराजमान की ओर से जिला अदालत में केस दायर किया गया था। याचिका में परिसर में अतिक्रमण कर शाही ईदगाह मस्जिद बनाने का आरोप लगाया गया है। शाही मस्जिद की जमीन समेत 13.37 एकड़ इलाके पर दावा करते हुए मालिकाना हक मांगा गया है। रंजना अग्निहोत्री ने मीडिया को बताया कि जिस जगह पर शाही ईदगाह मस्जिद खड़ी है, उस जगह कारागार था, जहां भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था। यह याचिका श्रीकृष्ण विराजमान, स्थान श्रीकृष्ण जन्मभूमि कटरा केशव देव केवट, रंजना अग्निहोत्री, प्रवेश कुमार, राजेश मणि त्रिपाठी, करुणेश कुमार शुक्ल, शिवाजी सिंह, त्रिपुरारी तिवारी की ओर याचिका दाखिल की गई है।

क्या था समझौता-
1951 में श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट बनाकर यह तय किया गया कि वहां दोबारा भव्य मंदिर का निर्माण होगा और ट्रस्ट उसका प्रबंधन करेगा। इसके बाद 1958 में श्रीकृष्ण जन्म स्थान सेवा संघ नाम की संस्था का गठन किया गया था। कानूनी तौर पर इस संस्था को जमीन पर मालिकाना हक हासिल नहीं था, लेकिन इसने ट्रस्ट के लिए तय सारी भूमिकाएं निभानी शुरू कर दीं। इस संस्था ने 1964 में पूरी जमीन पर नियंत्रण के लिए एक सिविल केस दायर किया, लेकिन 1968 में खुद ही मुस्लिम पक्ष के साथ समझौता कर लिया।
इसके तहत मुस्लिम पक्ष ने मंदिर के लिए अपने कब्जे की कुछ जगह छोड़ी और उन्हें (मुस्लिम पक्ष को) उसके बदले पास की जगह दे दी गई। श्रीकृष्ण जन्मभूमि व शाही ईदगाह मस्जिद 13.37 एकड़ में बनी हुई है। इसमें 10.50 एकड़ भूमि पर वर्तमान में श्रीकृष्ण विराजमान का कब्जा है। लेकिन, याचिकाकर्ता ने पूरी जमीन पर मालिकाना हक मांगा है।





जरा ठहरें...
रिजर्व बैंक के गवर्नर कोरोना से संक्रमित
कोरोना का कहर: अब तक 11 लाख से ज्यादा लोगों की मौत..!
सरकार का 30 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को बोनस देने की घोषणा!
जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं आती, सतर्कता बहुत जरूरी - प्रधानमंत्री
भारत ने चीनी सैनिक को पकड़ा, चीन के सुर बदले...!
चीन सीमा से सटे, बीआरओ ने तैयार किए रिकार्ड समय में 45 पुल...!
कर्मचारियों को मिलेगा 10000 रुपये का फेस्टिवल एडवांस - वित्त मंत्री
रेलवे ने आरक्षण कराने के नियमों में किया बदलाव, 5 मिनट पहले भी हो सकेगा आरक्षण…!
केंद्र सरकार ने रबी के फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य में की वृद्धि!
मटियाला से प्रत्याशी आकाश श्रीवास्तव ने लगभग 5 हजार लोगों से किया सीधा संपर्क
योगी के उ.प्र. में पत्रकार की जमीन कब्जा करने वाले दंबगों की अंजाम भुगतने की धमकी
मुख्यमंत्री योगी ने भी नहीं सुनी एक पत्रकार की फरियाद, दबंगों का हो गया कब्जा
उ.प्र. में योगी राज में पत्रकार के घर पर गुंडों और दबंगों का कब्जा!
 
 
Third Eye World News
इन तस्वीरों को जरूर देखें!
Jara Idhar Bhi
जरा इधर भी

Site Footer
इस पर आपकी क्या राय है?
चीन मुद्दे पर क्या सरकार ने जितने जरूरी कठोर कदम उठाने थे, उठाए कि नहीं?
हां
नहीं
पता नहीं
 
     
ग्रह-नक्षत्र और आपके सितारे
शेयर बाज़ार का ताज़ा ग्राफ
'थर्ड आई वर्ल्ड न्यूज़' अब सोशल मीडिया पर
 फेसबुक                                 पसंद करें
ट्विटर  ट्विटर                                 फॉलो करें
©Third Eye World News. All Rights Reserved.