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पत्रकारों पर नकेल कसने के लिए सरकार की नई तैयारी!
सरकार आरएफआईडी प्रेस कार्ड के जरिए गतिविधियों पर रखेगी नज़र

आकाश श्रीवास्तव

थर्ड आई वर्ल्ड न्यूज़

नई दिल्ली, ५ अप्रैल २०१८

नकली समाचारों पर विवाद अभी खत्म ही हुआ था कि अब ख़बर है कि स्मृति ईरानी का सूचना प्रसारण मंत्रालय पत्रकारों के लिए आरएफआईडी प्रेस कार्ड जारी करने पर विचार कर रहा है। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि आरएफआईडी कार्ड से पत्रकारों की सुरक्षा पुख्ता  हो सकेगी। जो काफी हास्यापद है। इस नए आरएफआई आई कार्ड के बारे में कहा जा रहा है कि इससे पत्रकारों की सारी गतिविधियों और उसके आवागमन की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। बात यहीं तक सीमित नहीं है। अब पत्र सूचना कार्यालय द्वारा मान्यता प्राप्त पत्रकारों को प्रेस कार्ड स्वैप करने के लिए भी कहा जा सकता है।


पत्र सूचना कार्यालय और सूचना प्रसारण मंत्रालय की मीडिया शाखा ने इस बारे में जनवरी में केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर राय मांगी थी कि क्या इस तरह की व्यवस्था मान्यता प्राप्त पत्रकारों पर लागू की जा सकती है। हम बता दें कि पत्र सूचना कार्यालय यानि पीआईबी पत्रकारों को मान्यता देने से पहले बड़ी सावधानी से तमाम जरूरी कागजातों की गहराई से छानबीन करता है। उसके बाद पत्रकारों को पहचान पत्र जारी किया जाता है। इस बारे में प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो ने जनवरी में गृह मंत्रालय को पत्र लिखा था कि जिसमें पूछा गया था कि क्या सुरक्षा प्रमाणन बढ़ाने के लिए मीडिया प्रमाणन कार्ड आरएफआईडी कार्ड में बदला जा सकता है। ख़बर है कि केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पत्रकारों के लिए जारी प्रेस आई कार्ड में और भी फीचर जोड़ने पर विचार कर रही हैं। जिसमें विशेषज्ञों से राय ली जा रही है। यही नहीं पत्र सूचना ब्यूरो अब सरकारी भवनों और कार्यालयों के अंदर पत्रकारों की गतिविधियों को पता करने की भी योजना बना रही है। इस कदम से पत्रकारों को भारत सरकार के केंद्रीय कार्यालयों में गतिविधियों की निगरानी की जा सकेगी।

अब सरकार द्वारा पत्रकारों को आरएफआईकार्ड जारी करने के सुगबुगाहट से एक बार फिर सरकार पर पत्रकारों पर अंकुश लगाने और मीडिया पर सेंसरशिप लगाने की चर्चा छिड़ सकती है। इन सबके बीच यह भी तर्क दिया जा रहा है कि कुछ साल पहले पेट्रोलियम मंत्रालय से लीक किए गए कुछ दस्तावेजों के बाद सुरक्षा बढ़ाने के तरीकों पर सूचना प्रसारण मंत्रालय विचार कर रहा है। अभी हाल में ही  सूचना प्रसारण मंत्रालय ने एक रिलीज जारी किया था जिसमें गलत खबर देने वाले पत्रकारों की मान्यता रद्द करने की बात कही थी। बाद में प्रधानमंत्री मोदी के हस्ताक्षेप के बाद मंत्रालय को अपनी अधिसूचना को वापस लेनी पड़ी थी।





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