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मोबाइल-बाजार

जियो से सुधरा सकल घरेलू उत्पाद, आम लोगों को मिला बड़ा लाभ!

नई दिल्ली

८ अप्रैल २०१८

सितंबर 2016 में दूरसंचार उद्योग में आई जियो ने मोबाइल की दुनिया में क्रांति ला दी है। जिसने उपभोक्ताओं को सबसे सस्ती 4G सेवाएं दीं हैं। भारत के उपभोक्ताओं ने करीब 60,000 लाख रुपये की बचत की। हाल ही में आई इंस्‍टीट्यूट फॉर कम्‍पटेटिवनेस की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि डेटा सर्विस पर कम शुल्‍क की वजह से यह बचत हुई है। साथ ही इस सर्विस ने देशभर में डेटा के उपभोग को भी बढ़ावा दिया। यही नहीं इससे देश का प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) भी 5.65 प्रतिशत बढ़ा है। जियो ने डाटा को सस्ता और लोगों की पहुंच में लाने में भूमिका अहम भूमिका निभाई है।


रिपोर्ट में कहा गया है कि इंटरनेट पहुंच बढ़ने से जीडीपी वृद्धि का प्रभाव सिर्फ दूरसंचार क्षेत्र में योगदान तक सीमित नहीं है, बल्कि इंटरनेट अर्थव्यवस्था की वजह से अन्य दूसरी चीजों में भी इसका योगदान रहा है। वहीं आईएफसी ने जियो के प्रवेश का आकलन आर्थिक वृद्धि में इंटरनेट की पहुंच के आधार पर किया है। इस मॉडल में 2004-14 से 18 राज्यों के आंकड़ों का इस्तेमाल किया गया है। इसके अनुसार यदि अन्य चीजें स्थिर रहती हैं और इंटरनेट की पहुंच 10 फीसदी बढ़ती है तो इससे प्रति व्यक्ति जीडीपी में 3.9 प्रतिशत की वृद्धि होगी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रति जीबी डाटा की औसत कीमत जियो के आने के बाद 152 रुपए से घटकर 10 रुपए पर आ गई। इससे देश की बड़ी आबादी तक इंटरनेट की पहुंच सुलभ हुई है।  डाटा कीमतों में इतनी भारी गिरावट से समाज के नए वर्ग ने भी पहली बार इसका अनुभव लिया। बता दें कि जियो मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज का दूरसंचार उपक्रम है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अर्थमितीय विश्लेषण से पता चलता है कि यदि अन्य चीजें स्थिर रहती हैं, तो व्यापक नेटवर्क की वजह से जियो के प्रवेश ने देश के सकल घरेलू उत्पाद में 5.65 प्रतिशत का योगदान दिया है।





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