ताज़ा समाचार-->:
अब खबरें देश-दुनिया की एक साथ एक जगह पर-->

प्रमुख समाचार

रोजगार देने में रेलवे सर्वाधिक आगे - प्रभु

आकाश श्रीवास्तव

थर्ड आई वर्ल्ड न्यूज़

नई दिल्ली, ९ जून २०१७

रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने आज यहां भारतीय रेलवे के प्रथम मानव संसाधन (एचआर) गोलमेज सम्मेलन का उद्घाटन किया। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन श्री ए.के.मित्तल, सदस्य (स्टाफ) श्री प्रदीप कुमार, रेलवे बोर्ड के अन्य सदस्य और वरिष्ठ अधिकारीगण भी इस अवसर पर उपस्थित थे। इस अवसर पर रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने कहा कि रेलवे एक बड़ा संगठन है और हर बड़े संगठन में यह आवश्‍यक है कि बुनियादी मुद्दों पर नये सिरे से गौर किया जाए, उनका आत्‍मनिरीक्षण किया जाए और प्रतिस्‍पर्धी, बहुमुखी एवं दक्ष्‍ा बनने के लिए व्‍यापक बदलाव लाया जाए।


उन्होंने कहा कि संगठनात्‍मक बदलाव तभी हो सकते हैं, जब विभिन्‍न खामियों के बारे में सही ढंग से अहसास हो जाए। रेलवे एक जटिल संगठन है। रेलवे को वाणिज्यिक भूमिका, सामाजिक भूमिका एवं कल्‍याणकारी भूमिका निभानी पड़ती है और इसके साथ ही उसे जन आकांक्षाओं को भी पूरा करना पड़ता है, जो विशिष्‍ट होने के साथ-साथ परस्‍पर विरोधी भी होती हैं। उन्‍होंने कहा कि रेलवे देश की सर्वाधिक महत्‍वपूर्ण रणनीतिक परिसम्‍पत्ति है। आर्थिक एवं सामाजिक पहलू के लिहाज से इसकी खास अहमियत है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। इस संगठन में कार्यरत लोगों को अपने कामकाज में कुछ इस तरह से ढालना चाहिए कि वे चुनौतियों का सामना कर सकें। रेलवे के लिए यह आवश्‍यक है कि वह कॉरपोरेट लक्ष्‍यों को स्‍पष्‍ट ढंग से परिभाषित करे और इसके साथ ही उसे एक संगठित ढांचा तैयार करना चाहिए तथा उसके बाद उपयुक्‍त व्‍यक्तियों की सेवा इस संगठन में ली जानी चाहिए। बदलाव की शुरुआत आरंभ से ही शीर्ष स्‍तर से की जानी चाहिए, ताकि लोगों को सब कुछ स्‍पष्‍ट रहे।

प्रभु ने कहा कि रेलवे एक ऐसा संगठन है, जिसे बड़े कॉरपोरेट लक्ष्‍यों को ध्‍यान में रखना चाहिए। वहीं, कॉरपोरेट लक्ष्‍यों के तहत सामाजिक प्राथमिकताओं को ध्‍यान में रखा जाना चाहिए। इसके तहत संभागीय स्तरों के साथ-साथ रेलवे के प्रभागों के स्‍तर पर आवश्‍यक कदम उठाये जाने चाहिए, क्‍योंकि किसी भी बिजनेस यूनिट को बदलावों का केन्‍द्र बिन्‍दु होना चाहिए। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन श्री ए.के.मित्‍तल ने कहा कि अन्‍य सभी संगठनों में कर्मचारियों पर आने वाली लागत लगभग 30 फीसदी बैठती है, जबकि भारतीय रेलवे ने यह परिचालन लागत का 60 फीसदी है। उन्‍होंने कहा कि अब समय आ गया है कि कमाई में वृद्धि की जाए, ताकि कर्मचारियों पर आने वाली लागत घट जाए। यह केवल तभी संभव हो पाएगा, जब प्रत्‍येक कर्मचारी की दक्षता एवं कार्य प्रदर्शन बेहतर हो जाएगा।



भारतीय रेल देश में रोजगार उपलब्ध कराने की सबसे बड़ी संस्था है जिसमें अभी 13 लाख से ज्यादा कर्मचारी कार्यरत हैं। देशभर में भारतीय रेल के 17 क्षेत्रों, 6 उत्पादन इकाइयों और 68 सम्भागों के तहत ये कर्मचारी 10 विभागों में काम करते हैं। रेलवे में 24 घंटे लगातार काम होता हैं। इसमें अभियन्ता कार्य से लेकर उपभोक्ताओं के साथ संवाद और विभिन्न सम्बंधित विभागों में समायोजन करते हुए रेलगाड़ियों का परिचालन होता हैं। इस सम्मेलन का उद्देश्य विभिन्न अंशधारकों, मानव संसाधन विशेषज्ञों और शिक्षाविदों के बीच विचारों का अदान-प्रदान कर मानव संसाधनों की उत्पादकता बढ़ाना है। सम्मेलन का आयोजन तीन मूल बिन्दुओं के तहत किया गया ।



जरा ठहरें...
 
 
Third Eye World News
इन तस्वीरों को जरूर देखें!
Jara Idhar Bhi
जरा इधर भी

Site Footer
इस पर आपकी क्या राय है?
मोदी सरकार के तीन साल के कार्यकाल से आप खुश हैं?
हां
नहीं
कह नहीं सकते
 
     
ग्रह-नक्षत्र और आपके सितारे
शेयर बाज़ार का ताज़ा ग्राफ
'थर्ड आई वर्ल्ड न्यूज़' अब सोशल मीडिया पर
 फेसबुक                                 पसंद करें
ट्विटर  ट्विटर                                 फॉलो करें
©Third Eye World News. All Rights Reserved.