ताज़ा समाचार-->:
अब खबरें देश-दुनिया की एक साथ एक जगह पर-->

विज्ञान एवं रक्षा तकनीकि

नौसेना के जांबाज कमांडर ने कहा बस ठीक होने का है इंतजार....!
ठीक होने के बाद फिर शुरू करूंगा नौकायन - टॉमी नौसेना कमांडर

आकाश श्रीवास्तव

थर्ड आई वर्ल्ड न्यूज़

नई दिल्ली, १७ जनवरी २०१९

भारतीय नौसेना के कमांडर अभिलाष टॉमी ने आज नई दिल्ली में नौसेना के कोटा हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि एक नाविक को नौकायान शुरू करने से पहले कुछ पता नहीं होता है कि समुद्र में किन हालातों का सामना करना पड़ेगा। गोल्डन ग्लोब रेस के बारे में दिल्ली में पत्रकारों से खुलकर बात की। टोमी ने बताया कि भारतीय प्रतिनिधि के तौर पर वे समुद्री तूफान में कैसे फंस गए थे और उनका लकड़ी का बना जहाज बुरी तरह से बर्बाद हो गया था। इस दौरान वह चोटिल भी हो गए थे। दुनिया के सुदूरवर्ती इलाके में फंसे टोमी ने इसकी सूचना रेस के आयोजकों को दी। इसके बाद फांसीसी नौसेना के जहाज ओसिरिस ने सबसे पहले टोमी को ढूंढ निकाला।


दिल्ली में पत्रकारों से बात करते नौसेना कमांडक टॉमी उनके दाएं बैठे नौसेना के प्रवक्ता कैप्टन डीके शर्मा।

इसके बाद चार देशों की नौसेना के मदद से करीब 70 घंटे तक चले बचाव अभियान के बाद टोमी को बचा लिया गया। 39 वर्षीय टोमी की दो पालवाली नौका 'थूरिया' कन्‍याकुमारी से करीब 5 हजार किमी और ऑस्‍ट्रेलिया के पश्चिमी तट से करीब 3 हजार किमी दूर तूफान में बुरी तरह से क्षतिग्रस्‍त हो गई थी। टोमी पहले ऐसे भारतीय और दूसरे एशियाई हैं जो बिना किसी मदद के अकेले दुनिया का चक्‍कर लगाने के लिए अकेले इस रेस में निकले थे। एक जुलाई को 2018 गोल्‍डन ग्‍लोब रेस के तहत फ्रांस के लिए रवाना हुए थे। पूरी मेडिकल जांच के बाद उन्‍हें फ्रांसीसी द्वीप पर ले जाया गया था। यह रेस वर्ष 1968 में इसी नाम से आयोजित एक प्रतियोगिता की याद में आयोजित किया जाता है। टोमी की नाव थूरिया को साधारण नाव नहीं थी। थूरिया वर्ष 1968 में यह रेस जीतने वाले रॉबिन नॉक्‍स की नाव सुहैली की रेप्लिका है।

सुहैली का निर्माण मुंबई में हुआ था जबकि थूरिया का निर्माण गोवा में हुआ था। इस प्रतियोगिता में कुल 18 प्रतिभागी हिस्‍सा लिए उन्हें वर्ष 1968 तक बनी तकनीकों की मदद से ही यह यात्रा पूरी करनी थी। हरेक नाविक के पास मात्र एक संचार उपकरण ही थे। प्रत्‍येक प्रतिभागी को भोजन के एक हजार पैकेट दिए गए थे। टोमी के पास 140 लीटर पीने का पानी था। दो सितंबर को टोमी ने केप ऑफ गुड होप का चक्‍कर लगाया और 21 सितंबर को टोमी और आयरलैंड के एक नाविक तूफान की चपेट में आ गए। इस दौरान 130 किमी की रफ्तार से हवाएं चल रही थीं और समुद्र में 14 मीटर ऊंची खतरनाक लहरें उठ रही थीं। टोमी का संचार उपकरण टूट गया था लेकिन उन्‍होंने लिखित संदेश भेजकर बताया कि उनकी नाव क्षतिग्रस्‍त हो गई है और उनकी पीठ में चोट लगी है। इस संदेश के बाद अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू हुआ। इसमें भारत, मॉरिशस, फ्रांस और ऑस्‍ट्रेलिया की नौसेना ने हिस्‍सा लिया। कड़ी मशक्‍कत के बाद फ्रांसीसी गश्‍ती नौका ओसिरिस टोमी के पास पहुंची और उन्‍हें प्राथमिक उपचार के बाद स्‍ट्रेचर लिटाया गया और हवाई मार्ग से मॉरिशस ले जाया गया।


टॉमी का वह नौका जो समुद्री तूफान में क्षतिग्रस्त हो गयी थी।

अपने भयावह 70 घंटों को दोबारा याद करते हुए उन्होंने कहा कि, वह 21 सितंबर को थुरिया के डेक पर काम कर रहे थे, जब शक्तिशाली हवाओं ने उनकी नौका को पलट दिया, जिससे नौका 110 डिग्री कोण पर झुक गई और उसका मस्तूल पानी के अंदर समा गया। उन्होंने बताया कि "लहरों की पहली मार के बाद मैं मस्तूल के किनारे को पकड़कर समुद्र में तैर रहा था और जब नौका सीधी हुई तो मैं खुद को उसके सबसे ऊपर पाया। चैंपियन नाविक टॉमी बताते हैं कि ये मंजर तो बुरे सपने की सिर्फ शुरुआत थी, आगे मेरे साथ और भी भयानक घटनाएं घटने वाली थी।


बचाव दल टॉमी को जब स्ट्रेचर पर ले जा रहे थे।

जब मैं मस्तूल से गिरा तो मेरी घड़ी रस्सियों में अटक गई और मैं एक हाथ से हवा में झूलने लगा था। मुझे लगा कि इस तरह मेरी कलाई टूट जाएगी और जैसे ही मैंने घड़ी का पट्टा काटा तो मैं डेक पर आकर गिर पड़ा। आगे बताया कि इसी घटना के बाद से मुझे लगातार हिचकियां आ रही थी और मैं ढंग से बात भी नहीं कर पा रहा था।"  अभिलाष बताते हैं कि "मुझे 100 किमी प्रति घंटा हवाओं और 10 मीटर ऊंची लहरों की जानकारी पहले से थी, लेकिन मेरे साथ इससे बुरा होने वाला था। क्योंकि करीब 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही थी और लहरों की ऊंचाई 14 मीटर तक थी। इसके साथ ही पूरा समुद्र काले राक्षस की तरह दिखाई दे रहा था।" आपको बता दें कि टॉमी अकेले 52,000 माइल पार करने वाले पहले भारतीय नाविक हैं।

वे आगे बताते हैं कि, मैं समुद्र में बन रहे चक्रवात के बीच में था। इसी के बाद दोबारा तेज हवाओं और लहरों की मार से मेरी नौका का मास्ट भी टूट गया था और तीसरी बार मेरी नाव पूरी तरह बर्बाद हो चुकी थी। जब मैं याट पर साफ-सफाई करने लगा और चीजों को सहेजने लगा तो मैंने पाया कि मेरी कमर बुरी तरह घायल हो चुकी है और मैं हिल भी नहीं पा रहा। लेकिन किसी तरह दर्द को सहते हुए और रेंगते हुए मैं संदेश भेजने वाले डिवाइस तक पहुंचा और को अपनी हालत की जानकारी पहुंचाई और उसी रात को उन्हें एमरजेंसी पोजिशन इंडिकेटिंग रेडियो बेकन को एक्टिवेट करने के लिए कॉल मिली।


बेकन को एक्टिवेट करने के बाद मेरे दिमाग में कुछ नहीं चल रहा था। इसके बाद मुझे 70 घंटों बाद बचावकर्मी द्वारा बचाया गया। हादसे से पहले टॉमी रेस के 11 अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों के बीच तीसरे स्थान पर थे। 1 जुलाई 2018 को शुरू हुई रेस में वह 10,500 नॉटिकल माइल्स का सफर कर चुके थे। टॉमी के इस बहादुरी के लिए उन्हें कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। टॉमी ने समुद्र में अकेले सोलो रेस जीती है. अभिलाष टॉमी पूरी तरह से फिट होने का इंतज़ार कर रहे हैं।


जरा ठहरें...
रूस से जो भी एस-400 खरीदेगा अमेरिका उसके खिलाफ है
AN-32 में सवार सभी 13 लोगों की मौत: वायुसेना
वायुसेना अपने लापता विमान का सुराग देने वाले को ५ लाख का ईनाम देगी
भारतीय वायुसेना के विमान का अभी कुछ अता पता नहीं
जब अपनी ही मिसाइल का शिकार हो गया वायुसेना का हेलीकॉप्टर....?
वायुसेना ने वीर चक्र से "अभिनंदन" की 'अभिनंदन' किए जाने की सिफारिश की!
मिशन शक्ति की सफलता पर जेटली बोले, कांग्रेस अपनी झूठी पीठ थप-थपा रही है
राफेल: शौरी, भूषण और सिन्हा कागजात के लिए दोषी हैं - सरकार
राजनाथ सिंह ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर बोल्ड किट सिस्टम का उद्घाटन किया
राफेल के आते ही वायुसेना मिग-२१ विमानों को अपने बेड़े से बाहर कर देगी
एनटीआरओ का दावा बालाकोट में ३ सौ मोबाइल फोन सक्रिय थे!
सेना का काम है लक्ष्य को तबाह करना, गिनती करना हमारा काम नहीं - वायुसेना प्रमुख
पाकिस्तान की हर गतिविधियों पर है इसरो की नज़र
पाकिस्तान का झूठ बेनकाब, एफ-१६ का मलबा सामने आया
सरकार ने सेना को पाकिस्तान पर खुली कार्रवाई की छूट दी
पाकिस्तान ने कहा भारतीय वायुसेना पाक सीमा घुसे
भारतीय वायुसेना ने वायु शक्ति के माध्यम से दिखाया अपना दम-खम
इसरो ने भावी योजनाओं का किया खुलासा, पहला अंतरिक्ष अभियान २०२० से शुरू
बीएसएफ ने सेना को पछाड़कर बनाया विश्व रिकार्ड!
भारत को एस-400 के रूप में मिला अभेद्द्य रक्षा कवच!
भारतीय वायुसेना के उपाध्यक्ष ने उड़ाया राफेल को
भारतीय नौसेना को मिला एक और घातक युद्धपोत 'किलर'
ऑटोमोबाइल क्षेत्र के लिए BS-5 और BS-6 मानदंडों की अधिसूचना
 
 
Third Eye World News
इन तस्वीरों को जरूर देखें!
Jara Idhar Bhi
जरा इधर भी

Site Footer
इस पर आपकी क्या राय है?
 
     
ग्रह-नक्षत्र और आपके सितारे
शेयर बाज़ार का ताज़ा ग्राफ
'थर्ड आई वर्ल्ड न्यूज़' अब सोशल मीडिया पर
 फेसबुक                                 पसंद करें
ट्विटर  ट्विटर                                 फॉलो करें
©Third Eye World News. All Rights Reserved.