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सेहत की बातें

ट्रांस फैट सबसे घातक हर साल ५१ लाख लोगों की मौतें!
२०२२ तक ट्रांस फैट खत्म करेंगे - हर्ष वर्धन, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री

आकाश श्रीवास्तव

थर्ड आई वर्ल्ड न्यूज़

नई दिल्ली, ४ अक्टूबर २०१९

डॉ. हर्षवर्धन, केंद्रीय स्वास्थ्य  और परिवार कल्याण मंत्री ने आठवें अंतर्राष्ट्रीय पाककर्मी सम्मेलन में ‘ट्रांस-फैट मुक्त’ लोगो का औपचारिक रूप से लोकार्पण किया। ट्रांस-फैट की समाप्ति के अभियान को स्वाकस्य्ंद  और परिवार कल्याहण मंत्रालय के अंतर्गत एफ.एस.एस.ए.आई की अगुआई में ‘ईट राइट इंडिया’ अभियान में तेजी लाने के महत्वपूर्ण कदमों में से एक माना गया।
खाद्य सुरक्षा और मानक (विज्ञापन और दावे) विनियम, 2018 के अनुपालन में ट्रांस-फैट मुक्ता वसा/तेल तथा खाद्य में 0.2 ग्रा/100 ग्रा से अनधिक औद्योगिक ट्रांस-फैट का उपयोग करने वाले खाद्य प्रतिष्ठागन अपने यहाँ और अपने उत्पातदों पर ‘ट्रांस-फैट मुक्त ’ लोगो प्रदर्शित कर सकते हैं। उक्त लोगो का उपयोग स्वैच्छिक है।


उन्होंने ट्रांस-फैट को समाप्त करने के लिए पकाई की ज्यादा स्वास्थ्य  कर रीतियाँ स्वैच्छिक रूप से अपनाने के लिए बेकरियों की भी प्रशंसा की। डॉ. हर्ष वर्धन ने आगे कहा, ‘पाक कर्मी हमारे खाद्य ईको सिस्टम के बहुत महत्वपूर्ण अंग होते हैं और जीवन में बढ़ती जटिलताओं के कारण लोगों में बाहर खाना खाने की प्रवृत्ति के बढ़ने के कारण पाक कर्मियों की यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि परोसा  गया भोजन न केवल सुरक्षित और स्वादिष्ट  हो, बल्कि ज्यादा स्वास्थ्य कर तथा पर्यावरण के हिसाब से अनुकुल भी हो।’  उन्होंने विभिन्न हितधारकों को एकजुट करने तथा ‘ईट राइट इंडिया’ अभियान को और आगे ले जाने के लिए एफ.एस.एस.ए.आई के प्रयासों की सराहना भी की। डॉ. हर्ष वर्धन ने ‘चेफ्स 4 ट्रांस-फैट फ्री’  नारा भी जारी किया, जिसके तहत देश के विभिन्न भागों से 1,000 से अधिक पाक कर्मियों ने अपने नुस्खों में ट्रांस-फैट मुक्त तेलों/वसाओं का उपयोग करने और अंतत: इसे भारतीय जनता के आहारों से समाप्त कर देने की दिशा में प्रतिबद्ध होने की शपथ ली। डॉ. हर्ष वर्धन ने अपने उत्पांदों में ट्रांस-फैट मुक्तन वसाओं/तेलों का उपयोग करने वाली अथवा भविष्य  में इसके लिए प्रतिबद्ध होने वाली अनेक बेकरियों की प्रशंसा भी की।

औद्योगिक ट्रांस-फैट द्रव वनस्पति तेलों में हाइड्रोजन मिलाकर बनाए जाते हैं, जिससे वे अधिक ठोस बन सकें और खाद्यों की भंडारण अवधि बढ़ सके। अंशत: हाइड्रोजनीकृत वनस्पति वसाओं/तेलों, मार्जरीन और बेकरी शोर्टनिंगों में ट्रांस-फैट बहुतायत रूप में विद्यमान होते हैं और तले गए खाद्य पदार्थों में मिलते हैं। उद्योगों मंे उत्पानदित ट्रांस-फैटों के सेवन से होने वाली हृदवाहिनी की बीमारी से विश्व  में हर वर्ष 51,00,000 और भारत मंक 60,000 से अधिक लोगों की मृत्यु होती है।





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