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अपराध जगत

दंगे में संपत्ति का नुकसान पहुंचाने वालों से पैसा वसूला जाएगा

आकाश श्रीवास्तव

नई दिल्ली

१२ मार्च २०२०

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि दंगे के दौरान संपत्तियों के नुकसान करने वाले लोगों से पैसे वसूले जाएंगे। इसके लिए हम हाईकोर्ट से जज की मांग की है। दिल्ली में दंगे के दौरान पैसे पहुंचाए गए। सोशल मीडिया के जरिए घबराया गया। हम इसकी जांच कर रहे हैं। एक नेता ने 15 करोड़ वाली बात कही। 14 दिसंबर को रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली होती है। लोगों से घर से बाहर निकलने के लिए कहा जाता है। घर के बाहर निकलो आरपार की लड़ाई लड़ने के लिए कहा गया है। 16 दिसंबर से शाहीनबाग का धरना शुरू।


काफी हो हंगामे के बाद आज लोकसभा में दिल्ली हिंसा पर बहस हुई। इस दौरान विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा। वहीं, गृह मंत्री अमित शाह विपक्ष के द्वारा उठाए गए मुद्दों पर जवाब दिया। जवाब के बीच में ही कांग्रेस के सांसद सदन से बाहर निकल गए। चर्चा के दौरान अमित शाह ने कहा कि दिल्ली दंगे के दौरान आगजनी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनकी संपत्ति जब्त की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा, ‘दिल्ली दंगा को राजनीतिक दंग देने का प्रयास हुआ है। जिन लोगों की जान गई है उनके लिए दिल से दुख व्यक्त करता हूं। जो मारे गए उनके परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त करना चाहता हूं। कुछ चीजें ऐसी हैं जिन्हें आज की चर्चा में नहीं बोलना चाहता, लेकिन जिस तरह इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को रखने का प्रयास हुआ इसलिए इस पर स्पष्ट करना चाहूंगा। दिल्ली पुलिस ने दंगाईयों को भगाने के लिए पत्थरबाजी की थी। 5000 से ज्यादा टीयर गैस के सेल छोड़े गए। लाठीचार्ज किया गया। पुलिस ने घनी आबादी होने के बावजूद दंगे को दबा देना पुलिस की प्राथमिकता थी। दंगा किसी को अच्छा नहीं लगता है। मगर एक सोची समझी साजिश के तहत यह हुए यह मेरा मानना है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। दिल्ली दंगे में मारे गए लोगों को बख्शा नहीं जाएगा, इसका मैं आश्वासन देता हूं।

भारत के इतिहास में दंगों में मारे गए लोगों में 76 प्रतिशत कांग्रेस के राज में। 194 के दंगा के आरोपियों को हमने सजा दिलाई है। अंकित शर्मा की शरीर पर 400 घाव किए गए, इस पर भी ओवैसी बोलते तो बेहतर होता। दिल्ली दंगे में 52 भारतीयों की मौत हुई है। मंदिर और मस्जिद दोनों जले हैं। 526 भारतीय घायल हुए। 24 फरवरी से पहले सीएए के विरोध से ज्यादा सीएए के समर्थन में रैलियां निकली हैं। यह कहना गलत है कि समर्थन वाली रैलियों के कारण दंगा हुआ। मुस्लिम पर्सनल लॉ धर्म के आधार पर बना कानून है। देश में ढेर सारे कानून धर्म का आधार पर बने हैं। जबसे सदन ने सीएए का बिल पास किया, उसके बाद से युवाओं को गुमराह करने की कोशिश हुई। सीएए से किसी की भी नागरिकता नहीं जाती है। पीड़ितों को नागरिकता देने का प्रावधान है।





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