ताज़ा समाचार-->:
अब खबरें देश-दुनिया की एक साथ एक जगह पर-->

विज्ञान एवं रक्षा तकनीकि

कोविड-19 संक्रमण रोकने में मददगार हो सकती है सीएसआईओ की मशीन

आकाश श्रीवास्तव

नई दिल्ली

७ अप्रैल २०२०

कोविड-19 के संक्रमण को रोकने में केंद्रीय वैज्ञानिक उपकरण संगठन (सीएसआईओ) के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित इलेक्ट्रोस्टेटिक डिस्इन्फेक्शन मशीन प्रभावी साबित हो सकती है। बड़े पैमाने पर इस मशीन का उत्पादन करने के लिए इसकी तकनीक को भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) को सौंपा गया है। यह इलेक्ट्रोस्टेटिक डिस्इन्फेक्शन मशीन स्थिर वैद्युतिक रूप से आवेशित अत्यंत सूक्ष्म द्रव कणों का छिड़काव कर सकती है। इस मशीन के उपयोग से संक्रमण फैलाने वाले सूक्ष्मजीवों से किसी सतह को मुक्त किया जा सकता है।


इसमें किसी भी दवा का उपयोग छिड़काव के लिए किया जा सकता है। मशीन से 10-20 माइक्रोन आकार के सूक्ष्म द्रव कणों का छिड़काव कर सकते हैं। बाजार में मिलने वाली इस तरह की दूसरी मशीनें आमतौर पर 40-50 माइक्रोन आकार के द्रव कणों का छिड़काव कर पाती हैं। सीएसआईओ के वैज्ञानिक डॉ मनोज पटेल ने इंडिया साइंस वायर को बताया कि “मशीन से निकलने वाले द्रव कणों के प्रवाह की दर 110 मिलीलीटर प्रति मिनट है। हालाँकि, इसकी प्रवाह दर में बदलाव भी जा सकता है। दूसरी मशीनों के मुकबाले यह मशीन बेहद छोटे और समान आकार के द्रव कणों का छिड़काव करने में प्रभावी पायी गई है। छिड़काव के दौरान मशीन से निकलने वाले द्रव कणों से सतह पर किसी वायरस या संक्रमण के बचे रहने की संभावना लगभग न के बराबर रह जाती है।

इस मशीन को मुख्य रूप से अस्पतालों, एयरपोर्ट, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थलों की सफाई के लिए बनाया गया था। लेकिन, इसका उपयोग अब कोविड-19 के संक्रमण को दूर करने में भी किया जा सकता है। मशीन सतह को पूरी तरह कवर कर सकती है और इसमें दवा का उपयोग भी लगभग आधा हो सकता है। डॉ पटेल ने बताया कि “इस मशीन का उपयोग इनडोर-आउटडोर दोनों जगह सैनिटाइजेशन के लिए किया जा सकता है।


यह पर्यावरण के अनुकूल है और इसका असर हानिकारक सूक्ष्मजीवों पर सामान्य से 80 प्रतिशत अधिक हो सकता है। यह तकनीक आवेशित कणों पर आधारित है। कोविड-19 से संक्रमित सतह से वायरस को हटाने में कारगर हो सकती है।”




जरा ठहरें...
रक्षा क्षेत्र में आत्म निर्भरता के लिए सरकार ने बढ़ाए कदम, खत्म होगा आयात!
कोरोना से निपटने के लिए वैज्ञानिकों ने बनाए हर्बल उत्पाद
वैज्ञानिकों ने मिस्ट सैनिटाइजर टनल को बताया सुरक्षित
सीएसआईआर अब कोविड-19 किटकी की प्रमाणितकता देगा
भारतीय वैज्ञानिकों ने कोविड -19 के परीक्षण के लिए विकसित की पेपर-स्ट्रिप किट
कोनोरा वायरस से लड़ने के लिए भारतीय वायुसेना ने कसी कमर
मई के अंत तक देश को मिल जाएगा राफेल - राजनाथ सिंह
दिल्ली में बनेगा नया रक्षा मुख्यालय
सशत्र सेनाएं राजनीति से बहुत दूर रहती हैं - सीडीएस
2020 में गगनयान और चंद्रयान-3 मिशन लॉन्च करेगा इसरो: के.सिवन
भारत ने ब्रह्मोस मिसाइल का हवा और जमीन से सफल परीक्षण किया
दुश्मन से निपटने के लिए भारत की शक्तिशाली मिसाइल K-4 परीक्षण के लिए तैयार..!
भारत का अगला कदम: पंडुब्बी से दुश्मन को मार गिराने वाली परमाणु मिसाइल का परीक्षण करेगा भारत
पाकिस्तान घुसपैठ बंद कराए नहीं तो ऐसी कार्रवाई होती रहेगी - रक्षा मंत्री
राफेल की अभी सिर्फ पूजा हुई है, उड़ने में लगेंगे तीन साल...!
नौसेना की नई ताकत है INS खंडेरी शामिल
इस बार भारत अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव का आयोजन कोलकाता में
दुश्मनों का काल! अमेरिकी अपाचे, भारतीय वायुसेना का बना हिस्सा
भारतीय सेना के जवान ने शंख बजाकर बनाया विश्व रिकार्ड...!
भारत का परमाणु हमला भविष्य की परिस्थितियों पर निर्भर होगा - राजनाथ सिंह
बालाकोट हमले के अंजाम देने वाले वायुसेना के जांबाजों को वीर पुरस्कार से सम्मानित
जब अपनी ही मिसाइल का शिकार हो गया वायुसेना का हेलीकॉप्टर....?
वायुसेना ने वीर चक्र से "अभिनंदन" की 'अभिनंदन' किए जाने की सिफारिश की!
इसरो ने भावी योजनाओं का किया खुलासा, पहला अंतरिक्ष अभियान २०२० से शुरू
ऑटोमोबाइल क्षेत्र के लिए BS-5 और BS-6 मानदंडों की अधिसूचना
 
 
Third Eye World News
इन तस्वीरों को जरूर देखें!
Jara Idhar Bhi
जरा इधर भी

Site Footer
इस पर आपकी क्या राय है?
 
     
ग्रह-नक्षत्र और आपके सितारे
शेयर बाज़ार का ताज़ा ग्राफ
'थर्ड आई वर्ल्ड न्यूज़' अब सोशल मीडिया पर
 फेसबुक                                 पसंद करें
ट्विटर  ट्विटर                                 फॉलो करें
©Third Eye World News. All Rights Reserved.