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सरकार द्वारा ई-कॉमर्स कंपनियों को छूट दिए जाने पर कैट ने जतायी नाराजगी!

आकाश श्रीवास्तव

थर्ड आई वर्ल्ड न्यूज़

नई दिल्ली, १९ अप्रैल २०२०

केंद्र सरकार द्वारा ई कॉमर्स कम्पनियॉं को आगामी 20 अप्रैल से गैर जरूरी सामानों का भी व्यापार करने की अनुमति देने के मुद्दे पर कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भेजकर इस निर्णय में उनके हस्तक्षेप का आग्रह करते हुए इस विषय पर पुन: विचार करने का आग्रह किया है। कैट ने यह भी स्पष्ट किया है की सरकार के इस निर्णय से देश भर के व्यापारी बेहद क्षुब्द हैं किन्तु वर्तमान समय में जब सारा देश कोरोना के खिलाफ एक संघर्ष कर रहा है ऐसे में व्यापारी कोई बड़ा विवाद नहीं खड़ा करना चाहते हैं और पहले की भाँती देश भर में जरूरी सामान की आपूर्ति श्रंखला को बनाये रखेंगे।


कैट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ध्यान 15 अप्रैल के गृह मंत्रालय के दिशा निर्देशों की ओर दिलाया हैं जिसमें ई-कॉमर्स कंपनियों को विशेष रूप से गैर-जरूरी सामानों के लिए 21 अप्रैल से अपनी व्यावसायिक गतिविधियां शुरू करने की अनुमति दी है। यदि ई-कॉमर्स कंपनियों को सभी प्रकार के गैर-जरूरी सामान पहुंचाने की अनुमति दी जाती है, तो यह बहुत अनुचित होगा क्योंकि सरकार के आदेशानुसार खुदरा विक्रेताओं को केवल आवश्यक वस्तुओं में ही व्यापार करने की अनुमति है।इससे देश के बाजार में असंतुलन पैदा होगा और अनावश्यक टकराव को बढ़ावा मिलेगा। सरकार के इस निर्णय से भारत के व्यापारियों को भारी निराशा हुई है। भारत के सभी हिस्सों के लगभग 70 व्यापारी नेताओं ने आज आयोजित एक वीडियो कॉन्फ्रेंस में एकमत से कहा कि भारत के सभी व्यापारियों को सरकार के इस निर्णय से बेहद निराशा है और सरकार के इस निर्णय से उनका दर्द कई गुना बढ़ेगा । कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा की जब करोड़ों गैर-जरूरी सामानों में व्यापार करने वाले व्यापारी लॉकडाउन खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं ऐसे में ई-कॉमर्स कंपनियों को बिना किसी प्रतिस्पर्धा के गैर-जरूरी सामान पहुंचाने के लिए स्वतंत्र रूप से चलाने की इजाजत देना कतई न्यायसंगत नहीं है।

यदि ई कॉमर्स कंपनियां सभी प्रकार के सामानों की डिलीवरी शुरू कर देती हैं तो इससे देश भर में कोरोना की स्थिति में वृद्धि का संभावित खतरा बढ़ जाएगा और एक लॉक डाउन का उद्देश्य ही पराजित हो जाएगा। भरतिया एवं खंडेलवाल ने यह भी कहा की भारत के व्यापारियों ने पिछले 30 दिनों में बहादुरी और समर्पित रूप से देश की सेवा की है और प्रधानमंत्री के आह्वान पर देश भर में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति हेतु “स्वयं से पहले राष्ट्र” के सिद्धांत का अनुसरण किया है और सरकार के इस अन्ययायपूर्ण निर्णय के बावजूद आवश्यक सामानों की आपूर्ति को निश्चित रूप से जारी रखने का निर्णय लिया है। जिससे कोरोना के विरूद्ध देश की यह लड़ाई किसी भी रूप में कमजोर न हो। कैट ने यह भी कहा की वर्तमान परिस्थितियों में भारत के व्यापारियों ने अपने जीवन को खतरे में डालकर देश की सेवा करने का भरपूर प्रयास और प्रतिबद्धता की है।





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