ताज़ा समाचार-->:
अब खबरें देश-दुनिया की एक साथ एक जगह पर-->

विज्ञान एवं रक्षा तकनीकि

वैज्ञानिकों ने मिस्ट सैनिटाइजर टनल को बताया सुरक्षित

आकाश श्रीवास्तव

थर्ड आई वर्ल्ड न्यूज़

नई दिल्ली, 24 अप्रैल 2020

कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए अग्रिम पंक्ति में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों, डॉक्टरों, पुलिस और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों को संक्रमण से बचाने के लिए कुछ स्थानों पर मिस्ट सैनिटाइजर टनल का उपयोग हो रहा है। लेकिन, इस टनल में छिड़काव के लिए उपयोग होने वाले रसायन सोडियम हाइपोक्लोराइट के दुष्प्रभावों का हवाला देते हुए कई एजेंसियों ने इसके खिलाफ दिशा-निर्देश जारी किए हैं। हालाँकि, अब वैज्ञानिक परीक्षण के बाद मिस्ट सैनिटाइजर टनल के उपयोग को सुरक्षित बताया जा रहा है।


काउंसिल ऑफ साइंटिफिक ऐंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (सीएसआईआर) की पुणे स्थित प्रयोगशाला नेशनल केमिकल लैबोरेटरी (एनसीएल) के एक ताजा अध्ययन के बाद इस संस्थान के वैज्ञानिकों ने यह बात कही है। संक्रमण हटाने के लिए मिस्ट सैनिटाइजर टनल में कोहरे की फुहार जैसी सूक्ष्म बूंदों के रूप में रसायनों की एक निश्चित मात्रा का छिड़काव किया जाता है। इस टनल के भीतर से होकर गुजरने पर सोडियम हाइपोक्लोराइट की निर्धारित मात्रा का उपयोग संक्रमण हटाने के लिए किया जाता है। सीएसआईआर-एनसीएल के वैज्ञानिकों ने सोडियम हाइपोक्लोराइट की विभिन्न सांद्रताओं का मूल्यांकन करने पर मिस्ट सैनिटाइजर टनल में इसके उपयोग को सुरक्षित पाया है। सोडियम हाइपोक्लोराइट के प्रभाव, जिसे हाइपो या ब्लीच के रूप में भी जाना जाता है, का 0.02 से 0.5 प्रतिशत वजन की सांद्रता के साथ मिस्ट सैनिटाइजर टनल इकाई के भीतर से होकर गुजरने वाले कर्मियों पर अध्ययन किया गया है। इसके अलावा, मिस्ट सैनिटाइजर के टनल के संपर्क में आने से पहले और बाद में सूक्ष्मजीवों के खिलाफ जीवाणुरोधी गतिविधि का आकलन किया गया है। इस अध्ययन से पता चला है कि 0.02 से 0.05 प्रतिसत वजन की सांद्रता त्वचा पर कोई प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना रोगाणुओं को नष्ट कर सकती है।

इसी आधार पर, वैज्ञानिक मिस्ट सैनिटाइजर में 0.02 से 0.05 प्रतिशत वजन की सांद्रता में हाइपोक्लोराइट का उपयोग करने की सलाह दे रहे हैं। संक्रमण के संपर्क की अलग-अलग प्रकृति के अनुसार वैज्ञानिकों ने हाइपोक्लोराइट की विभिन्न सांद्रताओं की सिफारिश की है। हाइपोक्लोराइट की 0.5 प्रतिशत सांद्रता के मिश्रण के छिड़काव की सिफारिश उन लोगों पर करने के लिए की गई है, जो अधिक आबादी के बीच रहकर कोविड-19 के खिलाफ काम कर रहे हैं। इसी तरह, 0.2 प्रतिशत मात्रा का उपयोग सामान्य कार्यालयों या फैक्टरी में किया जा सकता है। हालांकि, घर जैसे पूरी तरह पृथक रहने वाले स्थानों पर इस सैनिटाइजर के उपयोग की आवश्यकता नहीं है।


सोडियम हाइपोक्लोराइट के दुष्प्रभाव न होने के बावजूद सीएसआईआर-एनसीएल के वैज्ञानिकों ने कहा है कि टनल से गुजरने के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से फेस शील्ड या सेफ्टी गॉगल्स का उपयोग किया जा सकता है। टनल से गुजरकर सैनिटाइज करने की प्रक्रिया हैंड-सैनिटाइजर या साबुन से हाथ धोने के बाद पूरी होती है। मुंबई स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी (आईसीटी) के शोधकर्ताओं ने इस तरह के रसायनों के छिड़काव के लिए खास नोज़ल डिजाइन किए हैं, जिन्हें आवश्यकता के अनुसार उपयोग किया जा सकता है।




जरा ठहरें...
रक्षा क्षेत्र में आत्म निर्भरता के लिए सरकार ने बढ़ाए कदम, खत्म होगा आयात!
कोरोना से निपटने के लिए वैज्ञानिकों ने बनाए हर्बल उत्पाद
सीएसआईआर अब कोविड-19 किटकी की प्रमाणितकता देगा
कोविड-19 संक्रमण रोकने में मददगार हो सकती है सीएसआईओ की मशीन
भारतीय वैज्ञानिकों ने कोविड -19 के परीक्षण के लिए विकसित की पेपर-स्ट्रिप किट
कोनोरा वायरस से लड़ने के लिए भारतीय वायुसेना ने कसी कमर
मई के अंत तक देश को मिल जाएगा राफेल - राजनाथ सिंह
दिल्ली में बनेगा नया रक्षा मुख्यालय
सशत्र सेनाएं राजनीति से बहुत दूर रहती हैं - सीडीएस
2020 में गगनयान और चंद्रयान-3 मिशन लॉन्च करेगा इसरो: के.सिवन
भारत ने ब्रह्मोस मिसाइल का हवा और जमीन से सफल परीक्षण किया
दुश्मन से निपटने के लिए भारत की शक्तिशाली मिसाइल K-4 परीक्षण के लिए तैयार..!
भारत का अगला कदम: पंडुब्बी से दुश्मन को मार गिराने वाली परमाणु मिसाइल का परीक्षण करेगा भारत
पाकिस्तान घुसपैठ बंद कराए नहीं तो ऐसी कार्रवाई होती रहेगी - रक्षा मंत्री
राफेल की अभी सिर्फ पूजा हुई है, उड़ने में लगेंगे तीन साल...!
नौसेना की नई ताकत है INS खंडेरी शामिल
इस बार भारत अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव का आयोजन कोलकाता में
दुश्मनों का काल! अमेरिकी अपाचे, भारतीय वायुसेना का बना हिस्सा
भारतीय सेना के जवान ने शंख बजाकर बनाया विश्व रिकार्ड...!
भारत का परमाणु हमला भविष्य की परिस्थितियों पर निर्भर होगा - राजनाथ सिंह
बालाकोट हमले के अंजाम देने वाले वायुसेना के जांबाजों को वीर पुरस्कार से सम्मानित
जब अपनी ही मिसाइल का शिकार हो गया वायुसेना का हेलीकॉप्टर....?
वायुसेना ने वीर चक्र से "अभिनंदन" की 'अभिनंदन' किए जाने की सिफारिश की!
इसरो ने भावी योजनाओं का किया खुलासा, पहला अंतरिक्ष अभियान २०२० से शुरू
ऑटोमोबाइल क्षेत्र के लिए BS-5 और BS-6 मानदंडों की अधिसूचना
 
 
Third Eye World News
इन तस्वीरों को जरूर देखें!
Jara Idhar Bhi
जरा इधर भी

Site Footer
इस पर आपकी क्या राय है?
 
     
ग्रह-नक्षत्र और आपके सितारे
शेयर बाज़ार का ताज़ा ग्राफ
'थर्ड आई वर्ल्ड न्यूज़' अब सोशल मीडिया पर
 फेसबुक                                 पसंद करें
ट्विटर  ट्विटर                                 फॉलो करें
©Third Eye World News. All Rights Reserved.