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एक अनामिका ने शिक्षा महकमें में चल रहे भ्रष्टाचार, अव्यवस्था, मनमानी के गठजोड़ को उजागर कर दिया!
सवालों के घेरों में लेखाकार, वार्डन, डीसी, बीएसए और संबंधित अधिकारी

थर्ड आई वर्ल्ड न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ, इलाहाबाद, रायबरेली, प्रतापगढ़, अमेठी, सहारनपुर

९ जून २०२०

उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा महकमें में लापरवाही, भ्रष्टाचार, अनियमितता और मनमानेपन की पोल खोलने वाली अनामिका शुक्ला की सुर्खियां न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है। जिसको लेकर इस समय उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा महकमें में हडकंप मचा हुआ है। बेसिक शिक्षा विभाग को चकमा देकर प्रदेश के 25 जिलों में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में शिक्षक की नौकरी करने के मामले में अनामिका शुक्ला को फिलहाल न्यायायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। सवाल यहां यह है कि अनामिका नाम की महिला प्रदेश के 25 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में गड़बड़ी करके पैसा वसूलती रही और संबंधित विद्यालयों और जनपदों के वार्डन, लेखाकार, जिला समन्वयक (डीसी), बीएसए (जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी) के अलावां अन्य उच्च अधिकारी क्या करते रहे...?


इसके अलावा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में समय-समय पर अनेक समस्याएं उठती रहीं। चाहे आवासीय परिसर में 24 घंटे रहने वाली शिक्षिकाओं की समस्याएं हों, या विद्यालय परिसर में दी जाने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की बात हो या फिर समस-समय पर लेखाकार, वार्डन और डीसी की भ्रष्टाचार की गठजोड़ की बात हो को लेकर समय-समय पर दबी जुबान से ही सही आवाज उठती रही है। लेकिन कभी कोई कार्रवाई नहीं होती है। चूंकि कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों में पूरा कर्मचारी वर्ग और शिक्षिकाएं संविदा पर होती हैं इसलिए सभी लोग अधिकारियों की मनमानेपन रवैय्ये, धौंस को सहने के लिए मजबूर हैं। अब अनामिका शुक्ला ने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में हो रहे भ्रष्टाचार की सारी तहों को पलटकर रख दिया है। सोचने वाली बात यह भी है कि  आज तक निदेशक राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा अभियान लखनऊ के संज्ञान में ये तथ्य सामने क्यों नहीं सामने आया। यदि सामने आया भी तो समय रहते कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
बेसिक शिक्षा विभाग जिसका जिले का मुख्य अधिकारी बीएसए होता है उसकी नज़र में इतनी बड़ी करतूत कैसे बची रही यह भी सवालों के घेरे में है? लापरवाही की पोल खोलने वाली विज्ञान की अध्यापिका अनामिका शुक्ला के दुस्साहस की फेहरिस्त काफी लम्बी होने के बाद पाप का घड़ा फूटा गया। दो दर्जन से अधिक जिलों के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में विज्ञान की अध्यापिका में नौकरी करने वाली अनामिका शुक्ला की कासगंज जिले में गिरफ्तारी के साथ एक दर्जन जिलों में केस भी दर्ज हो गए हैं। एक ही दिन में इतने मामले कई जिलों में शायद ही किसी अपराधी के खिलाफ दर्ज हुए हों। बेसिक शिक्षा विभाग के अभिलेखों में भले ही अनामिका शुक्ला का पता फर्रुखाबाद जिले के कायमगंज क्षेत्र में लखनपुर नाम गांव का है, लेकिन वहां लखनपुर नाम के दो गांव में एक भी अनामिका शुक्ला पुत्री राजेश शुक्ला, या फिर अनामिका सिंह पुत्री राजेश सिंह या फिर प्रिया पुत्री महिपाल सिंह नहीं है। कायमगंज के नई बस्ती में भी इन नाम का कोई व्यक्ति नहीं है।

इस बात की जांच कायमगंज ने की है। रायबरेली में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर जिला समन्वयक बालिका ने बछरावां थाने में मुकदमा दर्ज कराया। अमेठी और वाराणसी में भी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अनामिका शुक्ला के खिलाफ केस दर्ज कराने का आदेश दिया है। अलीगढ़ में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद अनामिका को बर्खास्त कर विद्यालय की वार्डन, अकाउंटेंट और बालिका शिक्षा जिला समन्वयक गजेंद्र सिंह को भी नोटिस जारी किए। इन्होंने शिक्षिका के कागज बीएसए दफ्तर नहीं भेजे थे।  सहारनपुर के मुजफ्फराबाद के कस्तूरबा गांधी विद्यालय में अगस्त 2019 से फरवरी 2020 तक अनामिका कार्यरत रही। बागपत में अनामिका नाम की शिक्षिका ने मार्च माह में त्यागपत्र दे दिया था। अब मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी चल रही है। अनामिका शुक्ला प्रयागराज के सोरांव तहसील में भी तैनात थी। फर्जी पता लगाकर नौकरी पाने  का मामला संज्ञान में आने पर वेतन रोक दिया गया। अब सेवा समाप्त कर एफआइआर दर्ज कराने के निर्देश एडी (बेसिक) ने बीएसए को दिए हैं। अंबेडकरनगर के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने नोटिस का जवाब नहीं देने पर आरोपित अनामिका शुक्ला को सेवा से बर्खास्त कर दिया और मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है।


सहारनपुर के बीएसए रमेंद्र कुमार सिंह के आदेश पर जिला समन्वयक (बालिका शिक्षा) आदित्य शर्मा ने अध्यापिका अनामिका शुक्ला पुत्री सुभाष चंद निवासी गांव हसनपुर पोस्ट हुमायूंपुर थाना भौंगाव (मैनपुरी) के खिलाफ थाना जनकपुरी में तहरीर दी। 17 मार्च व चार जून के आदेश के क्रम में अध्यापिका को सभी मूल अभिलेखों/पहचान पत्र के साथ कार्यालय में सुनवाई के लिए दो बार बुलाया गया। अध्यापिका ने इनकी अवहेलना करते हुए पांच जून-2020 को स्कूल वार्डन के वाट्सएप नंबर पर अपना त्याग-पत्र भेज दिया। अलीगढ़ के बिजौली ब्लॉक के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की साइंस टीचर अनामिका शुक्ला ढाई माह से गायब है। इसके खिलाफ शनिवार को थाना पाली मुकीमपुर में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया गया है।


बालिका शिक्षा समग्र शिक्षा के जिला समन्वयक गजेंद्र सिंह की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया है कि शिक्षिका ने कूटरचित तरीके से नौकरी पाई। फर्जी दस्वावेज लगाए। दस्तावेजों में दो तरह के एड्रेस दिए गए थे। यूपी टेट 2015 के प्रमाण पत्रों का भी सत्यापन नहीं हुआ है। विभाग की जांच में मैनपुरी के घर का पता और शैक्षिक प्रमाण पत्र भी फर्जी मिले। अनामिका शुक्ला के खिलाफ कासगंज जिले में बेसिक शिक्षा अधिकारी की अंजलि अग्रवाल की तहरीर पर थाना सोरों पुलिस ने धोखाधड़ी एवं कूटरचित अभिलेख तैयार करने के मामले में धारा 420, 467 व 468 में मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद उसको गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रदेश के विभिन्न जिलों के कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में अध्यापिका के पद पर नौकरी कर रही अनामिका शुक्ला निवासी भौगांव मैनपुरी के खिलाफ जिले में रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश जारी किये गए हैं। यह अध्यापिका मुजफ्फराबाद के कस्तूरबा गांधी विद्यालय में अगस्त 2019 से फरवरी 2020 तक कार्यरत रही।

अध्यापिका को शनिवार को कासगंज से गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके बाद ही सहारनपुर में केस दर्ज किया गया है। बागपत समेत 25 जिलों में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में अनामिका नाम की शिक्षिका की भर्ती होने व उसके खाते में मानदेय दिए जाने की जांच शुरू हो गई है। बागपत में अनामिका नाम की शिक्षिका ने मार्च माह में त्यागपत्र दे दिया था। इसके बाद उसके खाते में मानदेय भी नहीं दिया गया था। अब शिक्षा विभाग के अधिकारी शिक्षिका अनामिका शुक्ला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी में जुटे हैं। बीएसए ने पुलिस अधिकारियों से बात की है ।


निदेशक राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा अभियान लखनऊ के 11 मार्च एवं सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) सहारनपुर के 17 मार्च के पत्र में बताया गया था कि कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, मुजफ्फराबाद में पूर्णकालिक विज्ञान अध्यापिका के पद पर अनामिका शुक्ला पुत्री सुभाष चंद शुक्ला को शैक्षिक अभिलेखों के आधार पर पांच जिलों में कार्यरत होना पाया गया है।

कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में फर्जी पतों के जरिए नौकरी करने वाली अनामिका शुक्ला प्रयागराज में सोरांव तहसील में भी तैनात थी। 23 नवंबर 2019 से मार्च 2020 तक कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में नौकरी की। बाद में फर्जी पता लगाकर नौकरी करने का मामला सामने आने पर उसका वेतन रोक दिया गया था। मामले की जांच कर रहे एडी बेसिक रमेश कुमार तिवारी ने उसकी सेवा समाप्त करने और केस दर्ज करने के निर्देश जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार कुशवाहा को दिए हैं।

कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में फर्जी पतों के सहारे नौकरी करने वाली शिक्षिका अनामिका शुक्ला बरेली में भी हुई भर्ती में शामिल होने आई थी। जिला समन्वयक बालिका शिक्षा चंद्रभान यादव ने बताया कि सत्र 2019-20 में टीचर भर्ती में आवेदन मांगे गए थे, तो अनामिका शुक्ला नाम से भी आवेदन आया था। काउंसिलिंग के समय फोटो का मिलान नहीं हो पा रहा था। पड़ताल होती, इससे पहले वह यहां स चली गई। अब पता चला है कि उसने फर्जी दस्तावेजों से कई जिलों में नौकरी पा ली थी।अनामिका शुक्ला ने रघुकुल विद्यापीठ सिविल लाइन्स गोंडा से बीएससी की है तथा वही से वर्तमान में बीएड कर रही है, जबकि जिस अनामिका शुक्ला के अभिलेख लगाए गए थे। उसने भी बीएससी गोंडा के इसी स्कूल से की थी।

अनामिका के हाईस्कूल से लेकर स्नातक तक शिक्षा यहां से ग्रहण किए जाने की खबर है। विभाग ने इस बारे में छानबीन शुरू कर दी है। दिसंबर में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में विभिन्न पदों के लिए भर्ती निकली थी। इसमें अनामिका शुक्ला नाम की एक महिला ने पूर्णकालिक शिक्षक के लिए आवेदन किया था। चयन कमेटी के सामने उपस्थित होने पर उसने अभिलेख दो दिन बाद देने की बात कही थी। कमेटी ने उसके आवेदन को रद कर दिया। इसकी पुष्टि जिला समन्वयक (बालिका शिक्षा) रजनी श्रीवास्तव भी कर रही हैं। इस बीच पता चला है कि फर्जीवाड़ा करने वाली अनामिका ने हाईस्कूल, इंटरमीडिएट व स्नातक की पढ़ाई गोंडा से की थी। जिला विद्यालय निरीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि जिले से पढ़ाई करने का मामला संज्ञान में आया है।
फर्जी पते के आधार पर सूबे के 25 जिलों के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में एक साथ नियुक्ति हासिल करने वाली अनामिका शुक्ला के खिलाफ वाराणसी में भी प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी चल रही हैं। चयन समिति को गुमराह करने व फर्जीवाड़े के आरोप में बीएसए ने सेवापुरी के खंड शिक्षा अधिकारी को एफआइआर दर्ज कराने का निर्देश दिया है। बीएसए राकेश सिंह ने बताया फर्जी अभिलेखों के आधार पर तत्कालीन बीएसए जय सिंह के कार्यकाल में अनामिका शुक्ला सेवापुरी ब्लाक के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में विज्ञान शिक्षिका के रूप में मानदेय पर नियुक्त होने में सफल हो गई थीं लेकिन अब तक ज्वाइन नहीं किया था।


साथ में इनपुट, विभिन्न समाचार एजेंसियां, साभार।


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