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“चीन पर भारत का डिजीटल हमला निशाने पर, गिड़गिडाने लगे चीनी व्यापारी”
“जिस चीन की विदेश नीति विस्तारवादी है उस चीन ने भारत के साथ नमकहरामी की है”

आकाश श्रीवास्तव

थर्ड आई वर्ल्ड न्यूज़ नेटवर्क

नई दिल्ली, 30 जून 2020

भारत सरकार की चीन पर डिजीटल स्ट्राइक से बौखलाये चाइना के लोग भी अब अपने ग्राहकों को इमैल भेज कर कह रहे हैं कि प्लीझ, आप हमसे संपर्क में रहे, नाता न तोड़े और वीचैट के स्थान पर वोट्सएप् के माध्यम से लाइव संपर्क में रह कर पहले की तरह कारोबार जारी रखे। यही नहीं भारत की कार्रवाई पर चीनी विदेश मंत्रालय ने भी चिंता जाहिर की है। जानकारों का कहना है कि उनके ये इमेल बताते हैं कि मोदी सरकार के डिजीटल हमले से चाइना के लोगों पर और खास कर भारत के साथ व्यापार करनेवालो पर असर पडा है। और जैसे जैसे मोदी सरकार एक के बाद एक कदम चाइना के खिलाफ लेते जायेंगे उससे चाइना पर और उसके अर्थतंत्र पर भी बुरा प्रभाव पड सकता है। भारत को यही करना होगा। ताकि चीन को ये महसूस हो कि गलवान घाटी में उसने भारत के साथ धोखे से जो किया उसकी सजा उसे मिलनेवाली है, और बराबर मिलेंगी।


भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पाकिस्तान को सबक सिखाने हेतु सर्जीकल स्ट्राइक करने के बाद अब चाइना को सबक सिखाने हेतु डिजीटल स्ट्राइक कर चाइना की लोकप्रिय एप टीकटॉक समेत 59 एप्पस पर बैन लागाया। मोदी सरकार का तीर निशाने पर ऐसा बैठा की भारत के साथ व्यापार करने वाले चीनी व्यापारी और अन्य कंपनियों के मार्केटिंग मैनेजरों ने तुरन्त ही भारत में वे जिनके साथ व्यापार आदि. कर रहे हैं उन सबको इमैल के जरिये विनती कर रहे है की प्लीज, कारोबार बंद मत कीजिये और बैन लगे वीचैट एप्प के स्थान पर अब वे वॉट्सएप के जरिये लाइव संपर्क में बने रहे। धोखा देना जिसके जेहन में है और विस्तारवादी जिसकी विदेश नीति रही है ऐसे चीन ने भारत के साथ नमकहरामी की है। भारत का नमक खा कर भारत के साथ धोखा किया और भारत की मेजबानी की थोडी भी शरम न करते हुये लदाख क्षेत्र में भारत के 20 जवानों को धोखे से मार डाला। हालांकि हमारे शूरवीर रणबांकूरे भी कोइ कम नहीं थे।

उन्होंने भी मरते मरते चीन के 40 सैनिको को मौत के घाट उतार कर भारत के खिलाफ देखने वालो को संदेश भी दिया कि सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है जोर कितना बाजू-ए कातिल में है….! भारत के प्रधानमंत्री ने भी चीन को सबक सिखाने का पैसला किया है। भारत में सरकारी स्तर पर जहां भी चीन को काम मिला है वे सब रोक दिये गये है या उसे रद्द कर देने के बाद चीन पर डीजीटल स्ट्राइक कर टीकटोक समेत 59 चाइनीज एप्स पर भी रोक लगा दी है। मोदी सरकार के इस फैंसले का यह असर हुआ कि चाइना के जो लोग भारत के साथ व्यापार करते हैं वे वीचैट नामक चाइनीझ एप्पस से लाइव संपर्क में रहते थे।


कारोबार की जानकारी या आर्डर बगैरह वीचैट के माध्यम से होता था। जैसे वोट्सएप्स से लोग एक दूसरे के साथ लाइव संपर्क में रहते हैं वैसे ही चाइना के व्यापारी और वहां की कंपनियों के मार्केटिंग मैनेजर आदि भी वीचैट से ही भारत के साथ कारोबार चलाते थे। भारत में अब वीचैट भी बंद होने से चीन के व्यापारी और मैनेजर आदि भारत में अपने ग्राहकों और व्यापारियों को इमेल कर रहे है।




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