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संयुक्त राष्ट्र में भांग को मिली दवा की मान्यता...!
संयुक्त राष्ट्र के फैसले को खुद भारत ने विरोध किया

थर्ड आई वर्ल्ड न्यूज़ नेटवर्क

नई दिल्ली

3 दिसंबर 2020

हजारों साल से भारतीय उपमहाद्वीप समेत पूरी दुनिया में भांग का इस्‍तेमाल नशे और दवा के रूप में किया जा रहा है। लेकिन अब संयुक्‍त राष्‍ट्र संघ में हुए अमेरिका के स्पोर्ट से ऐतिहासिक मतदान में अंतत: भांग को दवा के रूप में मान्‍यता दे दी गई है। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन की सिफारिश के बाद संयुक्‍त राष्‍ट्र के मादक पदार्थ आयोग ने इसे मादक पदार्थों की सूची से हटा दिया है। इससे पहले ऐसा कहा जाता था कि भांग का इस्तेमाल स्‍वास्‍थ्‍य के लिहाज से हानिकारक है। संयुक्‍त राष्‍ट्र के मादक पदार्थो की सूची में हेरोइन के साथ भांग भी शामिल थी।


भांग को दवा के रूप में मान्यता देने के लिए यूएन वोटिंग कराई थी। इस वोटिंग में करीब 52 देशों में से 27 देशों ने भांग को दवा की मान्यता देने के पक्ष में खड़े हुए। वहीं 25 देश ऐसे थे, जिन्हें ये फैसला रास नहीं आई। बता दें कि यूएन के इस फैसले का विरोध खुद भारत ने भी किया। भारत के अलावा पाकिस्तान, नाइजीरिया और रूस ने भी इस फैसले का विरोध किया था। संयुक्‍त राष्‍ट्र में दवा के रूप में मान्‍यता दिए जाने के बाद भी भांग का गैर मेडिकल इस्‍तेमाल अभी भी प्रतिबंधित है। संयुक्‍त राष्‍ट्र के प्रतिबंधित मादक पदार्थों की लिस्‍ट से निकाले जाने के लिए मतदान हुआ। इसमें 27 सदस्‍यों ने पक्ष में और 25 सदस्‍यों ने इसके ख‍िलाफ मतदान किया। ऐतिहासिक वोटिंग के दौरान अमेरिका और ब्रिटेन ने बदलाव के पक्ष में मतदान किया जबकि भारत-पाकिस्‍तान इसके विरोध में एकजुट नजर आए । नाइजीरिया और रूस ने भी इस बदलाव का विरोध किया। संयुक्‍त राष्‍ट्र के मान्‍यता के बाद उन देशों को इससे लाभ होगा ज‍हां पर भांग की दवा की मांग बढ़ रही है। साथ ही अब भांग के दवा के रूप में इस्‍तेमाल के ल‍िए शोध बढ़ सकता है।

चीन में 15वीं शताब्‍दी ईसापूर्व में चीन में और मिस्र तथा प्राचीन यूनान में भांग का इस्‍तेमाल दवा के रूप में किया जाता रहा है। संयुक्‍त राष्‍ट्र के मान्‍यता देने के बाद अब यह और ज्‍यादा देशों को भांग को दवा के रूप में इस्‍तेमाल के लिए प्रेरित कर सकता है। दुनियाभर में 50 से ज्‍यादा देशों में भांग के इलाज के लिए इस्‍तेमाल को मान्‍यता दी गई है। कनाडा, उरुग्‍वे और अमेरिका के 15 राज्‍यों में शौकिया तौर पर भांग के इस्‍तेमाल को मान्‍यता दी गई है। बता दें कि भारत में भांग का इस्‍तेमाल हजारों साल से हो रहा है।


भांग का धार्मिक कर्मकांडों में भी इस्‍तेमाल किया जाता है। भारत में इसका धड़ल्‍ले से इस्‍तेमाल किया जाता है। होली पर तो इसकी डिमांड और ज्‍यादा बढ़ जाती है। अब मैक्सिको और लग्‍जमबर्ग भी भांग को मान्‍यता देने जा रहे हैं।




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