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रक्षा क्षेत्र में आत्म निर्भरता के लिए सरकार ने बढ़ाए कदम, खत्म होगा आयात!

आकाश श्रीवास्तव

थर्ड आई वर्ल्ड न्यूज़

नई दिल्ली, १६ मई २०२०

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संवाददाता सम्मेलन में रक्षा क्षेत्र में आयात पर निर्भरता कम करने की घोषणा की है। वित्त मंत्री के संवाददाता सम्मेलन का आज चौथा दिन है। जब वित्त मंत्री स्ट्रक्चरल रिफॉर्म से संबंधित योजना के बारे में विस्तार पूर्वक बात कही है। रक्षा क्षेत्र के उत्पादन में मेक इन इंडिया पर जोर दिया जाएगा। आयात न किए जाने वाले उत्पादों की लिस्ट बनेगी। सेना को आधुनिक हथियारों की जरूरत है, उनका उत्पादन भारत में हो।


देश में रक्षा साजो सामान बनाने वाले आयुद्ध फैक्टरी बोर्ड का कॉरपोरेटाइजेशन किया जाएगा। वित्त मंत्री ने साफ किया कि यह निजीकरण नहीं है। इससे बोर्ड के कामकाज में सुधार आएगा। हम उम्मीद करते हैं कि यह आगे सूचीबद्ध होगी जिससे आम नागरिकों को उसके शेयर खरीदने का मौका मिलेगा। इस क्षेत्र में स्वदेशीकरण को बढ़ावा दिया जाएगा। रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा 49 फीसदी के बढ़ाकर 74 फीसदी कर दी गई है। डिफेंस उत्पादन में मेक इन इंडिया पर जोर दिया जाएगा। सेना को आधुनिक हथियारों की जरूरत है और उनका उत्पादन भारत में ही होगा। सरकार ने आज औद्योगिक आधारभूत ढांचों का अपग्रेडेशन, कोयला, खनिज, रक्षा उत्पादन, एयरस्पेस मैनजमेंट, एयरपोर्ट्स, एमआरओ (मैंटनेंस, रिपेयर ऐंड ओवरहॉल), केंद्रशासित प्रदेशों में बिजली वितरण कंपनियां, अंतरिक्ष क्षेत्र और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सुधारों की घोषणा की है। सरकार ने कहा है कि 6 और एयरपोर्ट्स की नीलामी होगी। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया यह काम करेगी। ऑर्डिनंस फैक्ट्री को शेयर बाजार में लिस्ट किया जाएगा।

रक्षा उत्पादन में FDI की सीमा 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 74 प्रतिशत की गई है। ऑर्डिनंस फैक्ट्री का कॉर्पोरेटाइजेशन होगा। लेकिन निजीकरण नहीं होगा। वित्त मंत्री ने कहा कि प्राइवेट पार्टनरशिप के माध्यम से एयरपोर्ट को विकसित करने के लिए AAI ने 6 में से 3 एयरपोर्ट का अनुबंध प्राप्त किया है। 6 और एयरपोर्ट की नीलामी जल्द होगी। 12 हवाई अड्डों में पहले-दूसरे चरण में 13 हजार करोड़ रुपये का निवेश आएगा। कोयला क्षेत्र में सरकार के एकाधिकार को खत्म किया जाएगा। कोल सेक्टर में कमर्शियल माइनिंग शुरू की जाएगी।


भारत के पास दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कोयला भंडार है। 50 नए ब्लॉक नीलाम होंगे। इसके अपफ्रंट पेमेंट की सीमा होगी। आंशिक रूप से बंद पड़ी खदानों को निजी क्षेत्र को दिया जाएगा। समय से पहले खनन पूरा करने वालों को प्रोत्साहन दिया जाएगा।




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