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भारत सरकार ने गोबर से बने पेंट को बाजार में उतार दिया है
प्राकृतिक रूप से सुरक्षित यह पेंट, रासायनिक पेंट से कहीं बेहतर

आकाश श्रीवास्तव

थर्ड आई वर्ल्ड न्यूज़ नेटवर्क

नई दिल्ली, 13 जनवरी 2021

भारत सरकार ने गोबर से बने पेंट को बाजार में उतार दिया है। बकायदा इसकी औपचौरकि घोषणा केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने मंगलवार को किया। जी हां अभी तक हम गोबर्धन को एक त्योहार के रूप में ही मनाते आ रहे हैं, लेकिन वह दिन दूर नहीं जब सच में ही गोबर से धन बरसेगा. किसानों की आमदनी बढ़ाने में गोबर का अहम रोल होगा. किसान जल्द ही गोबर से इनकम करेंगे. गाय का दूध-घी, गोमूत्र से बने पेस्टीसाइट, गाय के गोबर के दीये और गाय के गोबर से बना पेंट. जी हां, सही पढ़ा आपने, गाय के गोबर से बना पेंट। वही पेंट जिससे आप अपने घर, ऑफिस या दुकान रंगते हैं. खादी इंडिया गाय के गोबर से बना पेंट लेकर आया है।


सरकार का दावा हर तरह से सुरक्षित गोबर से बना यह पेंट।

इस पेंट को खादी प्राकृतिक पेंट के नाम से लॉन्च किया गया है। इसे वेदिक पेंट नाम दिया गया है। गाय के गोबर से बने पेंट की बिक्री खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) की मदद से की जाएगी. इस गोबर पेंट को खादी और ग्रामोद्योग आयोग की जयपुर की इकाई कुमारप्पा नेशनल हैंडमेड पेपर इंस्टीट्यूट ने तैयार किया है. खास बात ये है कि इस पेंट को बीआईएस (BIS) यानी भारतीय मानक ब्यूरो भी प्रमाणित कर चुका है. किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में गाय के गोबर से बना पेंट एक बड़ा कदम है. खादी और ग्रामोद्योग आयोग का कहना है कि गाय के गोबर से बना यह पेंट एंटीफंगल, एंटीबैक्टीरियल और इको फ्रेंडली है. दीवार पर पेंट करने के बाद यह सिर्फ चार घंटे में सूख जाएगा. इस पेंट में आप अपनी जरूरत के हिसाब से रंग भी मिला सकते हैं।

खादी प्राकृतिक पेंट दो रूप में उपलब्ध होगा, डिस्टेंपर पेंट और प्लास्टिक एम्युनेशन पेंट बताया गया है कि इस पेंट में हैवी मैटल जैसे- सीसा, पारा, क्रोमियम, आर्सेनिक, कैडमियम आदि का इस्तेमाल नहीं किया गया है. फिलहाल इसकी पैकिंग 2 लीटर से लेकर 30 लीटर तक तैयार की गई है. खादी और ग्रामोद्योग आयोग का कहना है कि इस पेंट से स्थानीय निर्माताओं को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। पेंट की इस तकनीक से गाय के गोबर का इस्तेमाल बढ़ेगा. यह गोशालों की आमदनी बढ़ाने में भी अहम भूमिका अदा करेगा। इस पेंट के निर्माण से किसान या गोशाला को एक पशु से हर साल तकरीबन 30,000 रुपये की आमदनी होगी।





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