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केरल देश का पहला राज्य! श्रमिकों के लिए बनाया शानदार आवासीय परिसर!

आकाश श्रीवास्तव

थर्ड आई वर्ल्ड न्यूज़

नई दिल्ली और केरल से एक साथ

केरल भारत का इलकलौता राज्य बन गया है जहां श्रमिकों के लिए सबसे अधिक सामाजिक सुरक्षा योजनाएं चलाई जा रही हैं। केरल सरकार की नई श्रम नीति का उद्देश्य राज्य में विभिन्न श्रमिकों के कल्याण निधि बोर्ड को मजबूत करना भी है। राज्य सरकार ने कहा है कि कल्याणकारी योजनाओं को ऐसे तरीके से पुर्नोत्थान किया जाएगा जिससे प्रशासनिक लागतें कम हो सकें। इसके साथ ही स्वास्थ्य और आवास जैसे लाभ प्रवासी मजदूरों को उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जा रही है।


केरल भारत का पहला राज्य जिसने श्रमिकों के लिए शानदारी आवासीय परिसर बनाया!

केरल सरकार ने अब प्रवासी श्रमिकों के लिए आवास सुविधा देने का बीड़ा उठाया है। जिसमें सभी सुविधाओं से लैस आवासीय परिसर का निर्माण किया जा रहा है। यह केरल के उन क्षेत्रों में तैयार किया जा रहा है जहां उद्यौगिक निकाय सबसे ज्यादा स्थापित हैं। प्रवासी मजदूरों के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के बारे में जानकारी देते हुए केरल सरकार के श्रम विभाग के संयुक्त मंडलीय आयुक्त श्रीलाल. के. ने केरल गए देशभर के पत्रकारों को पिछले दिनों बताया कि केरल में प्रवासी मजदूरों के सर्वांगीण विकास और कल्याण के लिए नवंबर 2017 से एक अभियान छेड़ा गया है। जिसके जरिए सबसे पहले प्रवासी मजदूरों का रजिस्ट्रेशन यानि नामांकन करवाना है। फिर उन्हें स्मार्ट पहचान पत्र यानि विशेष पहचान पत्र देना है। श्रीलाल के ने दावा किया कि यह पहचान पत्र प्रवासी मजदूरों को बिना किसी भेदभाव और पक्षपात के बिना तैयार किया जाता है। राज्य में लगभग 25 लाख प्रवासी मजदूर हैं। जिनमें ज्यादातर, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, देश के पूर्वोत्तर राज्यों से हैं।

केरल सरकार द्वारा तैयार किए जा रहे प्रवासी मजदूरों के लिए आवासीय परिसर पूरे देश के लिए एक मिशाल के रूप में सामने आया है। एक आवासीय परिसर में लगभग 6 सौ मजदूरों की रहने की व्यवस्था की गयी है। इसमें एक कमरे में पांच दो स्तरीय चारपाई लगाई गयी है। जिसमें एक व्यक्ति नीचे और एक व्यक्ति के ऊपर सोने की व्यवस्था है। इस तरह से एक कमरे में 10 व्यक्तियों के रहने की व्यवस्था है। सभी कमरे में बिजली-पंखा, सामान रखने की लॉकर व्यवस्था उपलब्ध है। यही नहीं इसमें सभी मजदूरों के लिए अलग से रसोई घर, स्नानघर, शौचालय, कपड़े धोने और सुखवाने की अलग से व्यवस्था है। पूरे आवासीय परिसर में सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था भी है। शानदार आवासीय परिसर में रहने के लिए प्रति व्यक्ति को मात्र 8 सौ रूपए प्रतिमाह देने पड़ेगे।


एक कमरे दो स्तरीय पांच चारपाई जिसमें 10 लोगों के सोने की व्यवस्था।

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आवासीय परिसर में सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गयी है।

केरल सरकार के श्रम विभाग के अधिकारी ने थर्ड आई वर्ल्ड न्यूज़ को बताया कि प्रवासी श्रमिकों के लिए आवासीय परिसर में आवासीय आवंटन की प्रक्रिया बहुत सरल है। पहले आओ और पहले पाओ की तर्ज पर है। इसके लिए राज्य में कोई भी प्रवासी श्रमिक राज्य के श्रम विभाग से नामांकन कराके आवास का लाभ ले सकता है। इसमें कुशल और अकुशल दोनों श्रेणी के श्रमिक शामिल हैं। यही नहीं केरल में प्रवासी मजदूरों के लिए राज्य साक्षरता अभियान प्राधिकरण ने मलयालम सिखाने के लिए पाठ्य पुस्तक ‘हमारी मलयालम’ का आधार बनाए हुए है।

प्रवासी मजदूरों के बच्चों को मलयाली भाषा में पढ़ने लिखने में सक्षम बनाने के लिए विशेष कार्यक्रम ‘चंगथि’ के तहत पाठ्यपुस्तक का इस्तेमाल किया जा रहा है। केरल सरकार का कहना है कि इस पुस्तक की मदद से प्रवासी मजदूर दैनिक जीवन में स्वतंत्रता एवं सजहता से स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित कर सकेंगे।



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