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राशन कार्ड धारकों के पास शिकायतों के लिए मंच नहीं - विजेन्द्र गुप्ता

केजरीवाल सरकार पर प्रहार करते हुए दिल्ली विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने रोष प्रकट किया कि भारत सरकार द्वारा वर्ष 2013 में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम बनाए जाने के 4 वर्ष बाद भी दिल्ली सरकार ने इस अधिनियम के अनुछेद 14 के अनुसार आंतरिक शिकायत निवारण तंत्र का गठन नहीं किया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अनुछेद 15 के अनुसार प्रत्येक राज्य में जिला स्तर पर शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्त अथवा नामित करना था। अधिनियम के अनुछेद 16 के अनुसार दिल्ली सरकार ने पूर्ण रूपेण राज्य खाद्य आयोग की स्थापना भी अभी तक नहीं की है। 

गुप्ता ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस और वर्तमान आम आदमी पार्टी सरकार का रवैया दर्शाता है कि उनकी दिल्ली के गरीब लोगों के प्रति सोच क्या है। उनकी दिल्ली के लोगों की कोई चिंता नहीं है। दिल्ली सरकार ने राशन कार्ड उपभोगताओं की शिकायतों की सुनवाई का जिम्मा अस्थायी तौर पर जन शिकायत आयोग को सौपा है जिसके पास जन सुनवाई करने के लिए साधन ही उपलब्ध नहीं हैं। आयोग आधी नफरी पर काम कर रहा है। जिसमे केवल एक चेयरमैन और एक पार्ट टाइम सदस्य है।

ज्ञात हो की माननीय सर्वोच्च न्यायलय ने पिछले महीने ही निर्देश दिए थे कि शिकायत निवारण तंत्र वास्तविक और प्रभावी होना चाहिए। यहाँ तक कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम बनाए जाने के 4 वर्ष बाद भी सार्वजानिक शिकायत आयोग के दफ्तर के बाहर  बोर्ड तक भी नहीं लगा है कि आयोग को राज्य खाद्य आयोग भी नामित किया गया है। दिल्ली के राशन कार्ड धारियों के पास ऐसी कोई संस्था नहीं है जहाँ वे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंर्तगत शिकायतों के निवारण के लिए अपना पक्ष रख संकल्प। मालूम हो की राज्य जन शिकायत आयोग पुलिस शिकायत प्राधिकरण का काम भी देखता है।

गुप्ता ने केजरीवाल सरकार को चेताया की सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार तत्काल राज्य खाद्य आयोग की स्थापना करे जिससे दिल्ली के लोग खाद्य एवं आपूर्ति के खिलाफ अपनी शिकायतें कर सके। गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में 50 प्रतिशत से अधिक राशन कार्ड फर्जी हैं। सरकार यह सुनिश्चित करें दिल्ली में सभी फर्जी राशन कार्ड तुरंत रद्द किए जाएँ जिससे उन सभी लोगो को खाद्य सामग्री मिल सके जो वास्तव में इसके हकदार हैं। सरकार यह भी सुनिश्चित करे की सभी खाद्य कार्ड धारियों को खाद्य वस्तुओं की आपूर्ति के मामले में किसी तरह की कोई किल्लत व समस्या नहीं आनी चाहिए।  नई दिल्ली। 
 
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