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दिल्ली के गौशाला में ४८ गायों की मौत

दिल्ली के द्वारका जिले के थावला थाना इलाके के घुम्मन हेरा गांव में अब तक 48 गायों की मौत हो चुकी है। इससे पहले गौशाला में 36 गायों के मरने का मामला सामने आया था। गांव वालों ने आरोप लगाया है कि यहां पर डेढ़ से दो हजार गायों को रखा जाता है लेकिन उनके खानपान रखरखाव और स्वास्थ्य का ख्याल नहीं रखा जाता। गायों की मौत की यह बड़ी वजह है।

मिली जानकारी के मुताबिक लगभग 9 एकड़ में गौशाला की बाउंड्री है और करीब 20 एकड़ में जमीन पर गौशाला बनी हुई है। यह गौशाला एक ट्रस्ट द्वारा चलाई जा रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस गौशाला के नाम पर एमसीडी से अनुदान भी मिलता है। गौशाला में काफी पानी भरा है और गंदगी भी है। साथ ही मच्‍छर भी काफी ज्‍यादा हैं। गायों की मौत के पीछे गंदगी और कीचड़ से हुए संक्रमण को वजह माना जा रहा है। इस बारे में डीसीपी (द्वारका) एंटो अल्फांस के मुताबिक गुम्मनहेड़ा इलाके छावला में कुल 36 गायों की मौत हुई है। गायें आचार्य सुशील की बताई जा रही हैं।

डीसीपी ने कहा कि शुरुआती तौर पर लग रहा है सभी गायों की मौत बीमारी की वजह से हुई है। गौशाला के आसपास भी पानी भरा हुआ था। मौके पर पुलिस टीम वेटरनरी विभाग के लोग मौजूद है। जो भी लापरवाही होगी पुलिस द्वारा कार्रवाई की जाएगी। साउथ एमसीडी के मेयर नरेंद्र चावला का कहना है कि जहां गायों की मौत हुई है वो गौशाला दिल्ली सरकार के अधीन है। हम केवल आवारा/ बीमार गायों को ठेकेदारों के मार्फत वहां भिजवा देते हैं। गौशाला का प्रशासन, संचालन, रखरखाव सबकुछ दिल्ली सरकार के अधीन है। नई दिल्ली। 28 जुलाई 2018।

 
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