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गृहस्थ संत दद्दा जी हुये ब्रम्हलीन!

मनीष श्रीवास। कटनी -मध्यप्रदेश। गृहस्थ संत पंडित देवप्रभाकर शास्त्री का रविवार की रात्रि आठ बजे के बाद निधन हो गया है। देर रात्रि दद्दा जी ने अंतिम सांस ली। समूचे देश मे आध्यात्मिक पताका फहराने वाले मानस मर्मज्ञ गृहस्थ संत पंडित देवप्रभाकर शास्त्री दद्दाजी जी ने रात्रि लगभग 8 बजकर 35 मिनट पर देह त्याग दी। 

उनके  देवलोक गमन की सूचना मिलते ही देशभर में मौजूद उनके लाखों शिष्यों में गहन शोक व्याप्त हो गया। दद्दाधाम में आज सुबह दूर दूर से उनके शिष्यों का आना जारी रहा। अनेक विशिष्ट हस्तियों ने कटनी पहुंचकर उनके दर्शन किये। पूज्य दद्दाजी का स्वास्थ्य कुछ दिनों से खराब चल रहा था। फेफड़ों और किडनी में इंफेक्शन की वजह से उन्हें दिल्ली के एम्स हॉस्पिटल ले जाया गया था।

विशेषज्ञ चिकित्सकों ने काफी इलाज के बाद सुधार न होता देख उन्हें घर ले जाने की सलाह दे दी थी। कल रात ही एयर एम्बुलेंस से उन्हें जबलपुर होते हुए कटनी लाया गया था। जीवन रक्षक प्रणाली के बीच कटनी स्थित दद्दाधाम में भी विशेषज्ञों की टीम उनके उपचार में जुटी हुई थी। दोपहर में उनका डायलिसिस भी किया गया। उनके स्वास्थ में सुधार की कुछ उम्मीद जागी लेकिन रात्रि साढ़े 8 बजे के आसपास पूज्यपाद दद्दाजी ने अंततः देह त्यागकर देवलोक गमन किया।

विश्व कल्याण की कामना के साथ पूज्य दद्दा जी ने शिवलिंग निर्माण के 129 महायज्ञ सम्पन्न कराए। इसके अलावा 50 से ज्यादा अन्य यज्ञों और श्रीमद्भागवत के आयोजनों से उन्होंने समूचे देश मे धर्म की ज्योति प्रज्ज्वलित की। एक जानकारी के मुताबिक दद्दाजी जी के 18 लाख से ज्यादा दीक्षित शिष्य तथा बड़ी संख्या में देशभर में उनके अनुयायी हैं। शिष्यों में राजनेता, फ़िल्म अभिनेता, पत्रकार,उद्योगपति, समाजसेवी तथा सभी वर्गों के लोग शामिल हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि दद्दा जी की किडनी एवं लिवर दोनों पूरी तरीके से खराब हो गए थे । जिसे दिल्ली से उन्हें वायु यान से जबलपुर डुमना लाया गया फिर उन्हें कटनी ले जाया गया । जहाँ पर सभी भक्तों ने उनके दर्शन के लिए पहले से ही उपस्थित रहे ।
17 मई 2020।
 
Third Eye World News
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