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बेहिचक पीजिए रेलनीर, गुणवत्ता और स्वास्थ्य से नहीं होता कोई समझौता

रोजाना 11 लाख लीटर रेलनीर का उत्पादन, आईआरसीटीसी रेलनीर का उत्पादन और बढ़ाएगी।

आकाश श्रीवास्तव, थर्ड आई वर्ल्ड न्यूज़, नई दिल्ली। 29 अगस्त 2019

देशभर में रेल नीर की आपूर्ति बढ़ाने के लिए रेलवे देश के अलग-अलग हिस्सों में रेल नीर संयंत्र की संख्या बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। वर्तमान समय में बाजार में मिलने वाले बोतलबंद पेयजल क गुणवता  को लेकर मन में संशय बना रहता है। लेकन भारतीय रेलवे के पेयजल ‘रेल नीर’ की गुणवता पर संदेह नहीं  किया जा सकता है। क्योंकि यह शुद्धता की कई कसौटियों पर कसने के बाद लोगों तक पहुंचाया जाता है। बुधवार को थर्ड आई वर्ल्ड न्यूज़ ने उत्तर प्रदेश के हापुड़ रेल नीर संयंत्र का दौरा किया और शुद्धता से जुड़ी इन प्रक्रियाओं का जायजा लिया। इस दौरान रेलनीर के समूह महाप्रबंधक सियाराम ने बताया कि जल को ‘रेल नीर’ बनाने से पहले शुद्धता की अनेकों प्रक्रिया से गुजारा जाता है। संयंत्र में जल की गुणवता से कोई समझौता नहीं किया जाता है।

संयंत्र में पानी की पूरी गुणवत्ता की जांच के लिए 24 घंटे काम करने वाली प्रयोगशाला स्थापित है। संयंत्र की प्रयोगशाला में पानी की कुल 50 तरह की जांचे की जाती हैं। जो रोजाना, साप्ताहिक और मासिक के तौर पर निर्धारित होती है। इसके अलावा यहां की रेलनीर संयंत्र 30 तरह की अलग जांच बाहर की प्रयोगशाला से करायी जाती है। बता दें कि इस समय पूरे देश में भारतीय रेलवे की मिनी रत्न ईकाई आईआरसीटीसी ने कुल 10 रेलनीर संयंत्र स्थापित किए हुए हैं। इसमें से तीन संयंत्र निजी क्षेत्र के सहयोग स्थापित किए गए हैं जो रेलनीर का उत्पादन कर रहे हैं। रेलनीर संयंत्र से रोजाना सगभग 11 लाख लीटर रेलनीर का उत्पादन किया जा रहा है। अकेले उत्तर प्रदेश के हापुड़  के धौलाना स्थिति रेलनीर संयंत्र से रोजाना लगभग 1 लाख लीटर रेलनीर का उत्पादन किया जा रहा है।

यहां का यह पूरा संयंत्र लगभग सवा एकड़ में फैला हुआ है। जिसमें 60 कर्मचारी तीन शिफ्ट में काम करते हैं। पूरा संयंत्र 22 घंटे काम करता है। हापुड़ रेलनीर संयंत्र से गाजियाबाद, हापुड़, मथुरा, आगरा कैंट, ग्वालियर, झांसी, सहारनपुर, देहरादून, हरिद्वार, मुरादाबाद और बरेली रेलवे स्टेशन पर रेलनीर पहुंचाया जा रहा है।

मुनाफे में है रेलवे का रेलनीर संयंत्र :  रेलवे का रेलनीर संयंत्र पूरे मुनाफे में है। रेलनीर की एक बोतल की कीमत जिसकी 15 रूपए बाजार में होती है उसमें कंपनी की उत्पादन लागत एक बोतल की लगभग 5 रूपए आती है। उसके बाद रेलवे स्टेशन तक पहुंचाने का अतिरिक्त परिवहन खर्च आता है। इसके बावजूद कंपनी को एक बोतल पर लगभग सवा रूपए का मुनाफा होता है। जबकि खुदरा विक्रेता को एक बोतल पर 3-5 रूपए का मुनाफा होता है।

हापुड़ रेलनीर संयंत्र को मिल रहा है गंगा का पानी हापुड़ स्थिति रेलनीर संयंत्र को गंगा का पानी मिल रहा है। रेलनीर के समूह महाप्रबंधक सियाराम ने कहा कि संयंत्र में सभी कानूनी प्रावधानों का पूरा पालन किया जा रहा है। संयंत्र में भूजल का इस्तेमाल किया जा रहा है। यहां स्थिति जलस्तर लगभग 15 फीट है। संयंत्र से थोड़ी ही दूर पर हरिद्वार से निकली गंग नहर का पानी बहता है। उनका मानना है कि चूंकि गंगनहर में गंगा का पानी बहता है इसलिए यहां के जलस्तर में भी गंगा का ही पानी समाया हुआ है।

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